Gold and Silver Rate Today: 2.16 लाख के नीचे आई चांदी, सोना भी 2000 रुपये से ज्‍यादा सस्‍ता, वैश्विक अनिश्चितता से हलचल

वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती के चलते सोना करीब ₹2300 सस्ता होकर ₹1.36 लाख के आसपास पहुंच गया, जबकि चांदी ₹2.16 लाख के नीचे फिसल गई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट जारी रही. तेल की कीमतों में उछाल, महंगाई की चिंता और निवेशकों की कैश जरूरत के चलते सोना-चांदी में बिकवाली बढ़ी.

gold and silver rate fallen Image Credit: canva/AI image

Gold and Silver Price Today: वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती के चलते मंगलवार सुबह कमोडिटी बाजार में काफी हलचल देखने को मिली. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हलचल के बीच सोना और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला. MCX पर सोने की कीमत गैप-डाउन के साथ ₹1,38,411 प्रति 10 ग्राम पर खुला और करीब 2000 रुपये से ज्‍यादा लुढ़ककर 136684 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. वहीं चांदी भी गिरकर 2.16 लाख के नीचे आ गई है.

MCX पर चांदी करीब 9 रुपये सस्‍ती होकर 215414 रुपये प्रति किलो पर जा पहुंची. वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 2.9% गिरकर 67.11 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि स्पॉट गोल्ड भी 1.6% टूटकर 4,335.18 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया.

रिटेल में भी लुढ़की कीमतें?

बुलियन्‍स वेबसाइट पर सोना 1590 रुपये लुढ़ककर 138,380 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. वहीं चांदी 7620 रुपये गिरकर 218,320 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई.

क्‍यों लुढ़के भाव?

  • मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते 24 मार्च को भारत में चांदी की कीमतों में गिरावट जारी रही. इस अस्थिर माहौल ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया और निवेशकों को कीमती धातुओं से दूर कर दिया.
  • मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के चलते साल 2026 में सोना और चांदी ने अब तक की अपनी बढ़त लगभग गंवा दी है. कीमतों में आई तेज गिरावट के पीछे बढ़ती महंगाई की चिंता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को मुख्य वजह माना जा रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है.
  • इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी सोने की चमक को फीका किया है. इन कारणों से निवेशकों ने लिक्विडिटी के लिए सोने में बिकवाली की, जिससे इसकी सेफ-हेवन वाली अपील कमजोर पड़ी है.
  • विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट मुख्य रूप से फोर्स्ड लिक्विडेशन और नकदी जुटाने के कारण हुई है. खासतौर पर खाड़ी देशों के बड़े निवेशकों ने अनिश्चितता के माहौल में कैश बढ़ाने के लिए सोने जैसे लिक्विड एसेट्स को बेचना शुरू किया, जिससे कीमतों पर और दबाव बना.

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