वॉरेन बफेट की चेतावनी! महंगाई और कमजोर बैंक इकोनॉमी को पहुंचा सकते हैं नुकसान, कसीनो की तरह बर्ताव कर रहे बाजार
उन्होंने थोड़ी-बहुत महंगाई को भी बर्दाश्त करने के विचार की आलोचना करते हुए कहा कि समय के साथ यह लोगों की खरीदने की क्षमता को कम कर देती है. उन्होंने बढ़ते सट्टेबाजी के व्यवहार की भी आलोचना की और आधुनिक वित्तीय बाजारों की तुलना एक मजबूत आर्थिक व्यवस्था से जुड़े 'कैसिनो' से की.
दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट ने चेतावनी दी है कि महंगाई और फाइनेंशियल सिस्टम में छिपे रिस्क वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिर कर सकते हैं, भले ही बाजार अभी अपेक्षाकृत शांत दिख रहे हों. हाल ही में एक इंटरव्यू में बफेट ने कहा कि अगर वे फेडरल रिजर्व में होते, तो उनकी सबसे बड़ी चिंता दुनिया की रिजर्व करेंसी, अमेरिकी डॉलर की विश्वसनीयता को बनाए रखना होती और साथ ही महंगाई को भी काबू में रखना होता. उन्होंने थोड़ी-बहुत महंगाई को भी बर्दाश्त करने के विचार की आलोचना करते हुए कहा कि समय के साथ यह लोगों की खरीदने की क्षमता को कम कर देती है.
फाइनेंशियल सिस्टम मजबूत के साथ नाजुक भी
बफेट ने फाइनेंशियल सिस्टम को ‘बेहद मजबूत’ और ‘बेहद नाजुक’ दोनों बताया और चेतावनी दी कि पारंपरिक बैंकों, शैडो बैंकिंग और निजी ऋण बाजारों में परस्पर जुड़े जोखिम तनाव के दौरान तेजी से बढ़ सकते हैं. उन्होंने 2008 जैसे पिछले संकटों का उदाहरण देते हुए बताया कि विश्वास टूटने पर घबराहट कितनी तेजी से फैल सकती है.
लिक्विडिटी को प्राथमिकता
अपनी सतर्क नीति को दर्शाते हुए बफेट ने कहा कि वे बड़ी मात्रा में नकदी और शॉर्ट टर्म ट्रेजरी बिल अपने पास रखते हैं और मुनाफा कमाने की बजाय लिक्विडिटी को प्राथमिकता देते हैं. उन्होंने बाजारों का पूर्वानुमान लगाने के प्रयासों को खारिज करते हुए कहा कि जो निवेशक निश्चितता का दावा करते हैं वे अक्सर ‘कुछ बेच रहे होते हैं.’
लॉन्ग टर्म निवेश कारगर
उन्होंने बढ़ते सट्टेबाजी के व्यवहार की भी आलोचना की और आधुनिक वित्तीय बाजारों की तुलना एक मजबूत आर्थिक व्यवस्था से जुड़े ‘कैसिनो’ से की. उन्होंने कहा कि लॉन्ग टर्म निवेश कारगर होता है, लेकिन सट्टेबाजी के चलते बार-बार होने वाला लेन-देन अक्सर निवेशकों को नुकसान पहुंचाता है.
तेल कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है तनाव
वैश्विक घटनाक्रमों पर बफेट ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव और तेल की बढ़ती कीमतें शेवरॉन कॉर्पोरेशन और ऑक्सीडेंटल पेट्रोलियम जैसी कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव का अनुमान लगाने का प्रयास नहीं करते हैं.
लॉन्ग टर्म रिस्क
उन्होंने परमाणु प्रसार को एक बड़ा लॉन्ग टर्म जोखिम बताया और चेतावनी दी कि परमाणु हथियारों से लैस देशों की बढ़ती संख्या भविष्य में संघर्ष की आशंका को बढ़ाती है, भले ही समयसीमा अनिश्चित बनी रहे.
सतह के नीचे पनप रहा जोखिम
परोपकार के विषय पर बफेट ने कहा कि एपस्टीन मामले से जुड़े खुलासों के बाद वे बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को भविष्य में दिए जाने वाले दान का रीवैल्यूएशन कर रहे हैं. उन्होंने संकेत दिया कि वे आगे दान करने से पहले और अधिक स्पष्टता की प्रतीक्षा करेंगे और सुझाव दिया कि जनता की नाराजगी बड़े फाउंडेशनों पर सख्त नियम लागू करने को प्रेरित कर सकती है. कुल मिलाकर, बफेट का संदेश स्पष्ट था कि मजबूत बुनियादी बातों के बावजूद, जोखिम सतह के नीचे पनप रहे हैं और निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए.
