भारत के पास इमरजेंसी के लिए कितना है LPG स्टॉक? कहां-कहां कर रखा है स्टोर; जानें कितनी है कैपेसिटी
ईरान-इजरायल तनाव और होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच भारत में LPG सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. कई जगहों पर लोग पैनिक में बड़ी संख्या में LPG सिलेंडर बुक कर रहे हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इमरजेंसी स्थिति के लिए भारत के पास कितना LPG स्टॉक मौजूद है और इसे कहां-कहां स्टोर किया गया है. सरकार सप्लाई बनाए रखने के लिए इम्पोर्ट के नए रास्ते तलाशने और घरेलू रिफाइनरियों से LPG प्रोडक्शन बढ़ाने पर भी जोर दे रही है.
Emergency LPG Storage India: ईरान-इजरायल और अमेरिका का जंग अब आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है. सरकार की तरफ से लगातार कहा जा रहा है कि गैस की कोई किल्लत नहीं है, लेकिन लोगों में पैनिक साफ देखने को मिल रहा है. कई जगह गैस के लिए लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. लोग घबराहट में हर दिन 75 लाख LPG सिलेंडर बुक करवा रहे हैं. इसी बीच शुक्रवार को खबर आई कि ईरान ने भारत जा रहे दो लिक्विफाइड पेट्रोलियम टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है. यह भारत के लिए बड़ी राहत की बात है. हालांकि अब सवाल उठता है कि भारत ने इमरजेंसी के लिए कितना LPG स्टोर करके रखा है और इसे कहां-कहां रखा गया है.
क्यों बढ़ रहा LPG संकट
LPG संकट बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण पश्चिमी एशिया में बढ़ रहा तनाव है. ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है. भारत अपनी जरूरतों का 20 फीसदी क्रूड ऑयल इसी रास्ते से मंगाता है. इसके अलावा भारत अपनी LPG खपत का लगभग 60 फीसदी आयात करता है और इन आयातों में से लगभग 90 फीसदी होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से होता है. ऐसे में मौजूदा हालात में सप्लाई प्रभावित हुई है.
भारत के पास कितना है इमरजेंसी LPG स्टोर
सभी देश अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए LPG और क्रूड ऑयल का कुछ इमरजेंसी स्टोर रखते हैं. भारत के पास इमरजेंसी के लिए 2 LPG स्टोरेज हैं. इनमें पहला कर्नाटक के मंगलुरू में और दूसरा आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में है. इनकी स्टोरेज कैपिसिटी अलग-अलग है. कर्नाटक के मंगलुरू में 80 हजार टन LPG स्टोर किया गया है. वहीं आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 60 हजार टन LPG स्टोर है. अगर दोनों को मिला दें तो इसकी कुल कैपिसिटी 1.4 लाख टन है.
घरेलू प्रोडक्शन बढ़ाने पर जोर
इस संकट को कम करने के लिए सरकार लगातार कोशिश कर रही है और अलग-अलग जगहों से इम्पोर्ट बढ़ाने पर ध्यान दे रही है. पेट्रोलियम मिनिस्ट्री के मुताबिक क्रूड इम्पोर्ट पहले होर्मुज स्ट्रेट के बाहर से 55 फीसदी आता था, जो अब बढ़कर 70 फीसदी हो गया है. यानी अब होर्मुज स्ट्रेट के अलावा दूसरे रास्तों से ज्यादा इम्पोर्ट किया जा रहा है. इसके अलावा सरकार ने घरेलू रिफाइनरियों से LPG प्रोडक्शन बढ़ाने को भी कहा है और रिपोर्ट के मुताबिक इसमें अब 28 फीसदी की बढ़ोतरी भी हुई है.
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