क्या रूस से तेल की खरीद बंद होगी? ट्रंप के दावे के बाद भारत ने अपना रुख किया साफ, जानें क्या बोला MEA
अमेरिका के साथ ट्रेड डील की घोषणा के बाद भारत ने रूस से तेल आयात पर अपना रुख स्पष्ट किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और वैश्विक व बाजार परिस्थितियों के अनुसार ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण ही रणनीति का केंद्र रहेगा.
अमेरिका द्वारा रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर अतिरिक्त 25% टैरिफ हटाने और द्विपक्षीय व्यापार समझौते के ढांचे की घोषणा के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को अपना रुख स्पष्ट किया. भारत ने अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही सभी फैसले लेता है और स्रोतों का विविधीकरण उसकी रणनीति का अहम हिस्सा है.
क्या बोला MEA
भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, “1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना सरकार का मुख्य लक्ष्य है. इसी उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थितियों और बदलते वैश्विक हालात के अनुसार ऊर्जा आयात से जुड़े फैसले लिए जाते हैं. भारत के सभी फैसले इसी दृष्टिकोण से लिए गए हैं और आगे भी लिए जाएंगे.” यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में व्यापार समझौते की रूपरेखा सामने आई है जिसके तहत अमेरिका में भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया जाएगा. यह समझौता फरवरी 2025 से चल रही लंबी बातचीत के बाद हुआ है.
अमेरिका का क्या कहना है
व्हाइट हाउस के बयान में दावा किया गया था कि भारत ने रूस से सीधे या परोक्ष रूप से तेल आयात रोकने की प्रतिबद्धता जताई है और अमेरिकी ऊर्जा उत्पादों की खरीद बढ़ाने पर सहमति बनाई है. भारत ने हालांकि दोहराया है कि ऊर्जा सुरक्षा और बाजार परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही अंतिम निर्णय लिए जाएंगे.
किसानों और एमएसएमई को नुकसान नहीं
इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का ढांचा किसानों, एमएसएमई, कारीगरों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन वर्गों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं.
दोनों देशों ने जारी किया संयुक्त बयान
भारत और अमेरिका ने संयुक्त बयान में कहा कि दोनों देशों ने पारस्परिक और परस्पर लाभकारी व्यापार के लिए एक अंतरिम समझौते के ढांचे पर सहमति बना ली है. संयुक्त बयान के अनुसार, अमेरिका भारत से आने वाले वस्त्र, चमड़ा-फुटवियर, प्लास्टिक-रबर, ऑर्गेनिक केमिकल, होम डेकोर, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी समेत कई उत्पादों पर 18% का पारस्परिक टैरिफ लागू करेगा.




