संघर्ष वाले समुद्री इलाकों में भारतीय नाविकों की तैनाती पर रोक, DG Shipping ने जारी की नई सर्कुलर

ओमान तट के पास एक कमर्शियल जहाज पर हमले में भारतीय नाविकों की मौत के बाद DG Shipping ने समुद्री भर्ती एजेंसियों को संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय नाविकों की तैनाती सीमित करने का निर्देश दिया है. सरकार ने होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है.

सरकार ने होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है. Image Credit:

ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव तथा ओमान तट के पास हालिया समुद्री घटनाओं के बाद भारत सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है. DG Shipping ने समुद्री भर्ती और प्लेसमेंट एजेंसियों को निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक भारतीय नाविकों को संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में तैनात करने से बचें. यह फैसला उस घटना के कुछ दिन बाद आया है, जिसमें ओमान तट के पास एक कमर्शियल जहाज पर हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी.

एजेंसियों को दिया गया स्पष्ट निर्देश

DG Shipping ने अपने सर्कुलर में कहा है कि सभी RPSL कंपनियां और शिपिंग कंपनियां अगले आदेश तक भारतीय नाविकों को संघर्ष वाले क्षेत्रों में भेजने या तैनात करने से बचें. हालांकि इमरजेंसी में चालक दल के सदस्यों की सहमति से क्रू में बदलाव किया जा सकता है.

होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा खतरा

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सर्कुलर में होर्मुज स्ट्रेट, ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में हाल के दिनों में कई सुरक्षा घटनाएं सामने आई हैं. MT Marivex, MT Settebello और MV Jalveer जैसे जहाजों से जुड़ी घटनाओं ने इस क्षेत्र में काम कर रहे नाविकों के सामने बढ़ते रिस्क को उजागर किया है.

सुरक्षा उपाय सख्त करने की सलाह

DG Shipping ने जहाजों के कप्तानों और ऑपरेटरों को सलाह दी है कि वे सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतें. उन्हें नेविगेशन संबंधी चेतावनियों और सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर लगातार नजर रखने को कहा गया है. साथ ही सभी जहाजों को निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं और कंपनी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है.

यह भी पढ़ें- देश में तेल और LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन से ज्यादा का स्टॉक मौजूद; सरकार ने दी जानकार

हमले के बाद लिया गया फैसला

हाल ही में ओमान तट के पास एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले में 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से तीन नाविकों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था. विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए कहा था कि कमर्शियल जहाजों और नागरिक स्ट्रक्चर को निशाना बनाना अस्वीकार्य है.