भारत की आबादी को लेकर Elon Musk का बड़ा दावा, कहा- जन्म दर खतरनाक स्तर तक गिरी

दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क ने भारत की घटती जन्म दर को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने दावा किया कि भारत की कुल प्रजनन दर (TFR) अब 1.9 पर आ गई है, जो आबादी को स्थिर बनाए रखने के लिए जरूरी 2.1 के रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे है.

भारत की जन्म दर Image Credit: Money9 Live

दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी और स्पेसएक्स (SpaceX) के सीईओ एलन मस्क ने भारत की तेजी से बदलती आबादी को लेकर एक बड़ा दावा किया है. मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत की जन्म दर (बर्थ रेट) अब ‘रिप्लेसमेंट लेवल’ से नीचे गिर चुकी है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत के पढ़े-लिखे तबके में तो यह गिरावट कई साल पहले ही आ चुकी थी.

इतिहास में पहली बार 1.9 पर पहुंचा टीएफआर

मस्क ने मीडिया आउटलेट ‘एएफ पोस्ट’ के आंकड़ों का हवाला देते हुए यह बात कही. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के इतिहास में यह पहली बार है जब देश की कुल प्रजनन दर (TFR) इतनी कम हुई है. महज एक दशक के भीतर भारत का टीएफआर 2.3 से घटकर 1.9 पर आ गया है. चौंकाने वाली बात यह है कि देश की राजधानी दिल्ली की फर्टिलिटी रेट घटकर महज 1.2 रह गई है, जो कि यूरोपीय देश फिनलैंड से भी कम है.

यूनाइटेड नेशंस की रिपोर्ट ने भी लगाई मुहर

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की रिपोर्ट भी इसी ओर इशारा करती है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कुल प्रजनन दर घटकर 1.9 हो गई है, जबकि आबादी को स्थिर बनाए रखने के लिए जरूरी रिप्लेसमेंट लेवल 2.1 होना चाहिए. इसका सीधा मतलब यह है कि देश में महिलाएं औसतन उतने बच्चों को जन्म नहीं दे रही हैं, जितने अगली पीढ़ी में आबादी का संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी हैं.

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आबादी 146 करोड़ पार, पर चुनौतियां बरकरार

भारत साल 2023 में चीन को पछाड़कर दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन चुका है और फिलहाल यहां की जनसंख्या 146 करोड़ से अधिक है. हालांकि, यूएनएफपीए (UNFPA) के मुताबिक, आबादी भले ही अरबों में हो लेकिन देश में आज भी स्वास्थ्य, शिक्षा और लैंगिक भेदभाव जैसी बड़ी असमानताएं मौजूद हैं. कम उम्र में शादी और प्रेगनेंसी की वजह से 24 साल से कम उम्र की महिलाओं में मातृ मृत्यु दर अभी भी एक गंभीर समस्या बनी हुई है.