विक्रम मिसरी से ये कैसा सुलूक, ट्रोलर्स ने हद कर दी पार, विदेश सचिव के सपोर्ट में आए राजनेता
इन दिनों विक्रम मिसरी को ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है. इनकी अहम भूमिका में होने के बावजूद क्यों ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है. आखिर क्यों देश के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने के बाद भी लोगों के रडार पर आ गए विदेश सचिव विक्रम मिसरी.
Vikram Misri: भारतीय सेना ने आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है. इसके लिए भारतीय सेना की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया. इस ऑपरेशन में यूं तो कई नाम अहम भूमिका में थे. इनमें से एक नाम विदेश सचिव विक्रम मिसरी का भी है. इन दिनों उन्हें ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है. उन्हें अहम भूमिका में होने के बावजूद क्यों ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है. आखिर क्यों देश के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने के बाद भी लोगों के रडार पर आ गए विदेश सचिव विक्रम मिसरी. ऐसे में इस पूरे मामले को विस्तार से समझते है.
क्या है पूरा मामला
यह सब तब शुरू हुआ जब विक्रम मिसरी ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत-पाकिस्तान के बीच हुए नए सीजफायर समझौते का उल्लंघन किया. मिसरी ने शनिवार रात को प्रेस से बात की और बताया कि पाकिस्तान ने समझौते के कुछ घंटों बाद ही इसका उल्लंघन किया. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना इसका जवाब दे रही है और अगर फिर से उल्लंघन हुआ तो कड़ा कदम उठाया जाएगा. इसके बाद, एक्स पर कुछ लोगों ने मिसरी की आलोचना शुरू कर दी.
पाकिस्तान के खिलाफ नहीं अपनाया सख्त रुख
ट्रोलर कहने लगे कि मिसरी ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख नहीं अपनाया. बात यहीं नहीं रुकी, कुछ लोगों ने मिसरी की बेटी डिडोन मिसरी को भी निशाना बनाया. डिडोन लंदन में रहती हैं और एक बड़े लॉ फर्म में काम करती हैं. कुछ लोगों ने उनकी पुरानी पोस्ट खोजीं और उनके परिवार के कांटैक्ट डिटेल्स शेयर किए. उन्होंने डिडोन के रोहिंग्या शरणार्थियों की मदद करने के काम पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की. इस वजह से मिसरी को अपना एक्स अकाउंट प्राइवेट करना पड़ा.
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कई नेताओं ने की निंदा
कई नेताओं ने मिसरी और उनके परिवार पर इसकी निंदा की. AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि विक्रम मिसरी एक ईमानदार और मेहनती राजनयिक हैं. वे देश के लिए दिन-रात काम करते हैं. हमें यह याद रखना चाहिए कि हमारे सिविल अधिकारी सरकार के निर्देशों पर काम करते हैं. उन्हें सरकार या नेताओं के फैसलों के लिए दोषी नहीं ठहराना चाहिए. मिसरी साल 1989 से विदेश सेवा में हैं और उन्होंने चीन में भारत के राजदूत और उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में भी काम किया है.
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता सचिन पायलट भी मिसरी के समर्थन में सामने आए. उन्होंने कहा, “मैं विदेश सचिव विक्रम मिसरी के परिवार को सोशल मीडिया पर ट्रोल करने की निंदा करता हूं. हमारे पेशेवर राजनयिकों और सिविल सेवकों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है. ये देश के लिए काम करते हैं.
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