2030 तक भारत में 26 नई गाड़ियां लॉन्च करने की तैयारी, ये है Hyundai का मास्टरप्लान

Hyundai बड़े पैमाने पर विस्तार की तैयारी कर रही है,कंपनी का लक्ष्य 2030 तक दुनिया भर में 100 से ज्यादा गाड़ियां लॉन्च करना और उन्हें बेहतर बनाना है. भारत में कंपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने के साथ-साथ 26 नए मॉडल लाने की योजना बना रही है.

हुंडई Image Credit: Marcin Golba/NurPhoto via Getty Images

Highlights

  • 2030 तक आएंगे 26 नए मॉडल्स.
  • भारत बनेगा बड़ा एक्सपोर्ट हब.
  • कुल बिक्री में 80 फीसदी SUV का टारगेट.

Hyundai भारत को अपनी अगली ग्लोबल ग्रोथ के सेंटर में रख रही है. कंपनी का 2030 तक दुनिया भर में 100 से ज्यादा गाड़ियां लॉन्च या रिफ्रेश करने का प्लान है, जिसमें इंडियन मार्केट के लिए 26 प्रोडक्ट शामिल हैं. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने बुधवार को सियोल में 2026 CEO इन्वेस्टर डे पर इस स्ट्रैटेजी के बारे में बताया. कंपनी गाड़ी के अलग-अलग सेगमेंट में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है, हाइब्रिड और एक्सटेंडेड-रेंज इलेक्ट्रिक गाड़ी के ऑफर को बढ़ाना चाहती है और चीनी ऑटोमेकर्स से बढ़ते कॉम्पिटिशन का मुकाबला करना चाहती है.

2030 तक का प्लान तैयार

2030 तक प्लान किए गए 100 से ज्यादा ग्लोबल लॉन्च और रिफ्रेश में से, हुंडई ने नॉर्थ अमेरिका के लिए 58, साउथ कोरिया के लिए 49, यूरोप के लिए 41, इंडिया के लिए 26 और चीन के लिए 22 मॉडल्स तय किए हैं. ये आंकड़े एक जैसे हैं क्योंकि कुछ गाड़ियां कई मार्केट में बेची जाएंगी.

इंडिया के लिए, स्ट्रैटेजी सिर्फ एक बड़े प्रोडक्ट लाइनअप से कहीं ज्यादा है. हुंडई का प्लान है कि 2030 तक भारत में फैक्ट्रियों को बढ़ाकर हर साल 320,000 और गाड़ियां बनाई जाएं और 90 फीसदी से ज्यादा पार्ट्स लोकल लेवल पर ही खरीदे जाएं, जिसमें 1400 से ज्यादा सप्लायर और 900 से ज्यादा घरेलू इंजीनियर का नेटवर्क सपोर्ट करेगा. हुंडई की 26 प्रोडक्ट इंडिया पाइपलाइन पिछले साल हुंडई मोटर इंडिया के अनाउंस किए गए रोडमैप पर बनी है, जब उसने FY2030 तक 45000 करोड़ इन्वेस्ट करने के प्लान बताए थे.

भारत को एक्सपोर्ट हब बनाने का प्लान

इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, इस प्रोग्राम में सात नए नेमप्लेट, MPV और ऑफ-रोड SUV जैसे सेगमेंट में एंट्री और भारत की पहली लोकल लेवल पर बनी डेडिकेटेड इलेक्ट्रिक SUV शामिल है. हुंडई यह भी चाहती है कि भारत ग्लोबल लेवल पर उसका दूसरा सबसे बड़ा रीजन और एक अहम एक्सपोर्ट हब बने.

कंपनी ने कहा कि भारत को चौथी तिमाही में एक बिल्कुल नई इलेक्ट्रिक SUV मिलेगी, जिसे खास तौर पर देश के लिए डिजाइन और लोकलाइज़ किया जाएगा. इसमें नेक्स्ट-जेनरेशन इंफोटेनमेंट सिस्टम और लेवल 2 असिस्टेड-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी होगी. हुंडई भारत में एक नई इंटरनल-कंबशन मिड-साइज़ SUV भी लाएगी.

कुल बिक्री में SUV की सेल को बढ़ाना है टारगेट

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हो रही है जब एसयूवी भारत के पैसेंजर गाड़ी मार्केट पर हावी है और ऑटोमेकर पेट्रोल, इलेक्ट्रिक और दूसरे पावरट्रेन में अपनी पेशकश बढ़ा रहे हैं. हुंडई का टारगेट है कि 2030 तक भारत में बिक्री का 80 फीसदी एसयूवी से हो.

सिर्फ बैटरी वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर दांव लगाने के बजाय कंपनी हाइब्रिड और एक्सटेंडेड-रेंज इलेक्ट्रिक गाड़ियों या EREVs सहित पावरट्रेन का एक बड़ा मिक्स पेश करने की योजना बना रही है. हुंडई को उम्मीद है कि 2030 तक दुनिया भर में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री 2025 के 23 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो जाएगी. यह 2030 में दुनिया भर में 5.55 मिलियन गाड़ियां बेचने का अपना टारगेट बनाए हुए है.

अगले आठ महीनों में सात नए मॉडल

हुंडई अगले आठ महीनों में सात नई गाड़ियां लाने का प्लान बना रही है, जिसमें नई Tucson, Tucson हाइब्रिड, आयोनिक 3 और पहली Santa Fe EREV शामिल है. Tucson और Tucson Hybrid को कुछ मार्केट्स में चौथी तिमाही में लॉन्च किया जाना है. Santa Fe EREV को 2027 की पहली छमाही में लाने का प्लान है और उम्मीद है कि यह 600 मील से ज्यादा यानी लगभग 966 किलोमीटर तक की रेंज देगी. इसे यूएस में हुंडई की अलबामा फैसिलिटी में बनाया जाएगा. EREV में इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी के साथ एक पेट्रोल इंजन होता है जो जनरेटर का काम करता है, जिससे EV जैसा ड्राइविंग एक्सपीरियंस मिलता है और चार्जिंग और रेंज की चिंता कम होती है.

भारत को मिलेगी ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी

प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को सपोर्ट करने के लिए, हुंडई 2030 तक ग्लोबल प्रोडक्शन कैपेसिटी में 1.27 मिलियन यूनिट्स बढ़ाने का प्लान बना रही है. नॉर्थ अमेरिका में सबसे ज्यादा 500,000 यूनिट्स की बढ़ोतरी होगी, इसके बाद भारत में 320,000, कम्प्लीट-नॉक-डाउन असेंबली साइट्स पर 250,000 और साउथ कोरिया में 200,000 यूनिट्स की बढ़ोतरी होगी.

यह इन्वेस्टमेंट हुंडई के खास मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट बेस में से एक के तौर पर भारत की भूमिका को और मजबूत करता है. हुंडई मोटर इंडिया ने पहले 2030 तक अपने प्रोडक्शन का 30 फीसदी तक एक्सपोर्ट में कंट्रीब्यूट करने का टारगेट रखा था.

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