महंगाई से ज्यादा रिटर्न देगा ये बॉन्ड, सरकार बजट में कर सकती है ऐलान
सरकार इस योजना के जरिए आम जन को सुरक्षित निवेश का विकल्प देना चाहती है, जो महंगाई से लड़ने में मददगार हो. इस बॉन्ड योजना का उद्देश्य न केवल महंगाई से राहत देना है, बल्कि लोगों को फाइनेंशियल सिक्योरिटी देना भी है.
महंगाई की मार सबकी कमर तोड़ रही है लेकिन इस महंगाई से जो सबसे ज्यादा परेशान है वह है मिडिल क्लास और आम जन है. सरकार बड़े तबके को राहत देने के लिए आने वाले वक्त में नई बचत योजना ला सकती है. महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच, केंद्र सरकार जल्द ही मध्यम वर्ग के लिए एक नई बचत योजना पेश करने जा रही है.
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, यह योजना एक ऐसे बॉन्ड पर आधारित होगी जिसमें ब्याज दरें औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) महंगाई दर से काफी ज्यादा होंगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसे आगामी बजट में एक अहम पहल के तौर पर पेश कर सकती हैं.
संसद सत्र के बाद लॉन्च होने की संभावना
रिपोर्ट की मानें तो वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बीच इस बॉन्ड को लेकर बातचीत हो चुकी है. इस योजना के लॉन्च की संभावना अगले बजट सत्र में बताई जा रही है. यह योजना न केवल मध्यम वर्ग के लिए बचत के बेहतर ऑप्शन देगी, बल्कि मौजूदा आर्थिक चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी.
यह भी पढ़ें: MobiKwik भारतीय है या विदेशी? 11 दिसंबर को खुल रहा IPO, अभी से धमाल मचा रहा GMP
क्या होगा खास इस बॉन्ड में?
यह नया बॉन्ड मध्यम वर्ग को मुद्रास्फीति से राहत देने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है. इस पर मिलने वाली ब्याज दरें वर्तमान मुद्रास्फीति दर से अधिक होंगी. अक्टूबर में खुदरा महंगाई दर 6.21 फीसदी रही है. हालांकि, कोर महंगाई दर (core inflation) अक्टूबर के 3.7 फीसदी से बढ़कर नवंबर में 3.8 फीसदी पर पहुंचने का अनुमान है. महंगाई की वजह खाद्य वस्तुओं, विशेषकर सब्जियों की कीमतों में बढ़ती कीमते रहीं.
Latest Stories
PM Modi Birthday: 1 साल में कितनी बदली भारत की इकोनॉमी? GDP से UPI तक देखें पूरा हिसाब
Coal Auction: गुरुवार से कोयला खदानों की नीलामी का 16वां दौर, 55000 करोड रुपये निवेश की उम्मीद
क्या अब टैरिफ की मनमानी पर लगेगी लगाम? BRICS के 10 देशों ने नई दिल्ली घोषणा में दिया बड़ा संदेश
