Meesho से ICICI AMC तक लंबी कतार! ₹40000 करोड़ के मेगा इश्यू; 2 महीने में आने वाली है आईपीओ की सबसे बड़ी लहर!

साल के आखिरी महीनों में प्राइमरी मार्केट में ऐसी हलचल दिख रही है जिसने निवेशकों और विश्लेषकों दोनों का ध्यान खींच लिया है. अगले कुछ सप्ताह में कई बड़ी और उभरती कंपनियां बाजार से पूंजी जुटाने की तैयारी में हैं.

Capillary Technologies India IPO Image Credit: FreePik

देश का आईपीओ बाजार एक बार फिर वार्षिक रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी में है. साल के अंत में आमतौर पर कंपनियां शांत रहती हैं, लेकिन इस बार माहौल बिल्कुल अलग है. दिसंबर और जनवरी में करीब दो दर्जन कंपनियां अपने आईपीओ लाने वाली हैं, जिनसे लगभग 40,000 करोड़ रुपये जुटने की उम्मीद है. यह पाइपलाइन बताती है कि घरेलू निवेशकों का भरोसा बना हुआ है और कंपनियां मौजूदा माहौल को पूंजी जुटाने का बेहतरीन अवसर मान रही हैं.

IPO की मजबूत लाइन-अप

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस मजबूत पाइपलाइन में कई बड़े और चर्चित नाम शामिल हैं-

इसके अलावा, कई मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियां भी अगले दो महीनों में बाजार से फंड जुटाने की तैयारी में हैं. यह ट्रेंड बताता है कि अब हर सेगमेंट की कंपनियां कैपिटल मार्केट का लाभ उठाना चाहती हैं.

बढ़ती रिटेल भागीदारी और घरेलू निवेश का असर

आईपीओ बाजार में यह तेजी दो कारणों से है, रिटेल निवेशकों की भागीदारी और लगातार मजबूत घरेलू फंड फ्लो. इस साल अब तक 96 कंपनियां लिस्ट हो चुकी हैं, जिन्होंने ₹1.6 लाख करोड़ जुटाए हैं. इनमें से 40 से ज्यादा आईपीओ सिर्फ पिछले तीन महीनों में आए, जो प्राइमरी मार्केट की गति दिखाता है.

विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियों को भरोसा है कि घरेलू निवेशक लिस्टिंग गेन या लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए बाजार में सक्रिय रहेंगे. यही वजह है कि पहले हिचकिचाने वाली कई कंपनियां भी अब लिस्टिंग के लिए तैयार हो गई हैं.

दिसंबर-जनवरी में कौन-कौन ला रहा है आईपीओ

सबसे बड़ा इश्यू ICICI Prudential AMC का होगा, जो ₹10,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में है. यह पूरा इश्यू OFS के जरिए आएगा. इसके बाद, Meesho का आईपीओ है, जहां कंपनी ₹5,421 करोड़ जुटाएगी.

अन्य महत्वपूर्ण इश्यू-

इसके अलावा, कनोडिया सीमेंट, मणिपाल पेमेंट, मिल्की मिस्ट, अमागी मीडिया लैब्स, स्काईवेज एयर सर्विसेज, वेदा क्लीनिकल और अन्य कई कंपनियां भी पाइपलाइन में हैं.

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विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दिसंबर में कुछ बड़े आईपीओ सफल रहे, तो 2025 का कुल फंडरेजिंग ₹2 लाख करोड़ के ऐतिहासिक स्तर को छू सकता है. हालांकि, एक्सपर्ट्स निवेशकों को चेतावनी भी देते हैं कि आईपीओ में निवेश से पहले वैल्यूएशन और बिजनेस मॉडल को अच्छी तरह समझना जरूरी है.