HomeBusinessSuccess Story Of Deepinder Goyal Mastermind Of Zomato
कभी 6th क्लास में हुए थे फेल, जानें कैसे गांव का एक मामूली लड़का बना Zomato का मालिक, खड़ा किया 2.90 लाख करोड़ का एम्पायर
मुक्तसर के एक मिडिल-क्लास घर में जन्मा दीपिंदर गोयल IIT दिल्ली से निकला और Bain की नौकरी के दौरान एक छोटी-सी समस्या देखी. वो समस्या थी रेस्टोरेंट मेन्यू की लंबी कतारें! बस उसी से 2008 में पंकज चड्ढा के साथ शुरू किया Foodiebay, जो आज बन चुका है भारत का सबसे बड़ा फूड डिलीवरी ऐप जोमैटो. ₹2 करोड़ से ₹7,000 करोड़ तक का सफर और 42 साल की उम्र में ₹2,570 करोड़ की नेटवर्थ ये है दीपिंदर गोयल की असली सक्सेस स्टोरी!
दीपिंदर गोयल का जन्म 26 जनवरी 1983 को पंजाब के मुक्तसर में एक मिडिल-क्लास परिवार में हुआ. बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे. हालांकि कुछ रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है कि 6th क्लास में वे फेल कर गए थे. साल 2005 में उन्होंने IIT दिल्ली से मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग में इंजीनियरिंग पूरी की. IIT की डिग्री ने उनके लिए बड़े-बड़े दरवाजे खोल दिए.
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IIT के बाद दीपिंदर 2006 में Bain & Company जॉइन कर लिए. वहां उन्हें पता चला कि ऑफिस कैंटीन में भी लोग मेन्यू देखने के लिए लंबी लाइन लगाते हैं. बस यहीं से दिमाग में आइडिया आया क्यों न सारे रेस्टोरेंट के मेन्यू ऑनलाइन डाल दिए जाएं? अपने साथी पंकज चड्ढा के साथ मिलकर 2008 में उन्होंने Foodiebay.com शुरू किया, जो बाद में Zomato बन गया. अभी इस कंपनी का मार्केट कैप लगभग 2.90 लाख करोड़ रुपये है.
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शुरुआत में सिर्फ दिल्ली-NCR के रेस्टोरेंट की लिस्ट थी. 9 महीने में ही Foodiebay दिल्ली का सबसे बड़ा रेस्टोरेंट डायरेक्टरी बन गया. 2010 में नाम बदला गया Zomato और कंपनी तेजी से दूसरे शहरों व देशों में फैलने लगी. आज UAE, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, ब्राजील समेत 24+ देशों में जोमैटो है. 2021 में जोमैटो का IPO आया और कंपनी यूनिकॉर्न से डेका-कॉर्न बन गई.
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FY 2022-23 में रेवेन्यू ₹7,079 करोड़ (लगभग 69% सालाना ग्रोथ) दीपिंदर के पास जोमैटो में करीब 5.5% हिस्सेदारी है. उनकी नेटवर्थ आज ₹2,570 करोड़ से ज़्यादा है. उनके पास फरारी रोमा, लैम्बॉर्गिनी उरुस, पोर्शे जैसी लग्ज़री गाड़ियां और दिल्ली में 79 करोड़ का 5 एकड़ फार्महाउस भी है.
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2024 में दीपिंदर शार्क टैंक इंडिया सीजन 3 में नए शार्क बने. वहां उनकी सटीक फीडबैक और बिजनेस समझ ने सबको इम्प्रेस किया. वो उन स्टार्टअप्स में निवेश करना पसंद करते हैं जो आम लोगों की जिंदगी आसान बनाते हों. ठीक वैसे ही जैसे जोमैटो ने खाने की समस्या हल की.