Jio IPO में Mutual Funds का दबदबा, एंकर बुक में 34% हिस्सा, इन 10 फंड्स को मिला सबसे अधिक अलॉटमेंट

रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में 25 डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स को 95 स्कीम्स के जरिए एंकर बुक एलोकेशन का 34.34 फीसदी मिला है. यहां टॉप 10 स्कीम्स दी गई हैं जिन्हें सबसे ज़्यादा एलोकेशन मिला, जियो की लिस्टिंग से उनके रिटर्न पर क्या असर पड़ सकता है और इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

जियो आईपीओ Image Credit: मनी9लाइव

Highlights

  • आज से खुला रिलायंस जियो का आईपीओ.
  • म्यूचुअल फंड्स को मिला बड़ा एंकर एलोकेशन.
  • एसबीआई फोकस्ड फंड को सबसे ज्यादा हिस्सा.

रिलायंस इंडस्ट्रीज के सपोर्ट वाला रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स IPO आज 21 अक्टूबर 2026 से खुल गया है. हालांकि, IPO के पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने से पहले, कंपनियां एंकर बुक एलोकेशन प्रोसेस पूरा करती हैं. जियो प्लेटफॉर्म्स ने एंकर इन्वेस्टर को 1119 प्रति इक्विटी शेयर के एंकर इन्वेस्टर एलोकेशन प्राइस पर लगभग 7.25 करोड़ इक्विटी शेयर का एलोकेशन फाइनल किया है.

एंकर इन्वेस्टर को अलॉट किए गए 7.25 करोड़ इक्विटी शेयर में से 2.49 करोड़ शेयर (कुल एंकर एलोकेशन का 34.34 फीसदी) 95 स्कीम के जरिए 25 डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड को अलॉट किए गए है. यहां उन टॉप 10 म्यूचुअल फंड स्कीम की डिटेल दी गई है जिन्हें सबसे ज्यादा एलोकेशन मिला और इन्वेस्टर को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए..

  • SBI Focused Fund
  • HDFC Flexi Cap Fund
  • HDFC Large Cap Fund
  • Nippon India Multi Cap Fund
  • Nippon India Large Cap Fund
  • Aditya Birla Sun Life Flexi Cap Fund
  • Aditya Birla Sun Life Large Cap Fund
  • ICICI Prudential Aggressive Hybrid Fund
  • ICICI Prudential Balanced Advantage Fund
  • ICICI Prudential Multi Asset Fund
  • ICICI Prudential Value Fund

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO एंकर बुक की टॉप म्यूचुअल फंड स्कीम में, SBI फोकस्ड फंड को सबसे ज्यादा 315 करोड़ का एलोकेशन मिला. HDFC फ्लेक्सी कैप फंड और HDFC लार्ज कैप फंड को क्रमशः 132.43 करोड़ और 126.33 करोड़ का एलोकेशन मिला. लाइव मिंट के मुताबिक, Lemonn के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा, हर स्कीम जिसे एलॉटमेंट मिला है, वह लिस्टिंग के दिन जियो के शेयर रखेगी. सिर्फ एंकर हिस्सा फिक्स्ड है और वो भी केवल लिमिटेड टाइम के लिए.

प्रोसेस कैसे करता है काम

  • एलोकेशन: एंकर शेयर 19 अक्टूबर को 1119 रुपए पर एलोकेटेड किए गए थे.
  • एलोकेशन और लिस्टिंग: 23 अक्टूबर को इश्यू बंद होने के बाद शेयर एलोकेटेड किए जाएंगे और डीमैट अकाउंट में क्रेडिट किए जाते हैं. लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने की उम्मीद है.
  • वैल्यूएशन: लिस्टिंग तक शेयरों की वैल्यू कॉस्ट पर और उसके बाद मार्केट प्राइस पर की जाती है. उसके बाद, जियो की डेली प्राइस स्कीम के NAV में दिखाई देती है.
  • लॉक-इन: आधे एंकर शेयर अलॉटमेंट की तारीख से 30 दिनों के लिए लॉक-इन रहेंगे, जबकि बाकी आधे 90 दिनों के लिए लॉक-इन रहेंगे. इस दौरान लॉक-इन शेयर बेच नहीं सकते या उन्हें किसी दूसरी स्कीम में ट्रांसफर नहीं कर सकते हैं.

गौरव गर्ग ने कहा कि लॉक-इन पीरियड खत्म होने के बाद, फंड मैनेजर यह तय करने के लिए आजाद होंगे कि वे अपनी होल्डिंग्स को बनाए रखना चाहते हैं, बेचना चाहते हैं या बढ़ाना चाहते हैं. वे लिस्टिंग के दिन से और शेयर खरीद सकते हैं और जैसे-जैसे हर ट्रांच बिक्री के लिए एलिजिबल होगा, अपनी पोजीशन कम कर सकते हैं या निकाल सकते हैं.

जियो के शेयर सबसे पहले म्यूचुअल फंड के अक्टूबर महीने के आखिर के पोर्टफोलियो डिस्क्लोजर में दिखने चाहिए, जिसकी उम्मीद 10 नवंबर के आसपास है. हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि इन डिस्क्लोजर में एंकर अलॉटमेंट के जरिए हासिल किए गए शेयरों और मार्केट में खरीदे गए शेयरों के बीच कोई फर्क नहीं होगा.

अलॉटमेंट कैसे डाल सकता है म्यूचुअल फंड स्कीम के रिटर्न पर असर?

HDFC फ्लेक्सी कैप फंड: इसका 132 करोड़ का एलोकेशन 30 सितंबर 2026 तक इसके 1.09 लाख करोड़ के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) का लगभग 0.12 फीसदी है. जियो की लिस्टिंग प्राइस में 20 फीसदी की बढ़त भी स्कीम के NAV में सिर्फ 0.02 फीसदी ही जोड़ेगी.

HDFC लार्ज कैप फंड: फंड में जियो का हिस्सा लगभग 0.34 फीसदी है. पेरेंट कंपनी Reliance Industries में इसकी 4.76 फीसदी होल्डिंग ज्यादा अहम है, क्योंकि जियो की लिस्टिंग से मार्केट में रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यू पर असर पड़ सकता है.

म्यूचुअल फंड इन्वेस्टर्स को आगे क्या करना चाहिए?

गौरव गर्ग ने कहा कि फंड्स ने पहले से मौजूद कैश का इस्तेमाल कर IPO प्राइस पर Jio Platforms का एक छोटा सा हिस्सा प्री-बुक कर लिया है. यूनिटहोल्डर्स को कुछ भी एक्स्ट्रा पेमेंट नहीं करना पड़ता है और कोई नई यूनिट्स नहीं बनती हैं, स्कीम बस कुछ कैश को शेयरों के लिए स्वैप करती है.

34 फीसदी का आंकड़ा भरोसे के वोट से ज्यादा एक नियम दिखाता है. SEBI ने एंकर हिस्से का एक तिहाई हिस्सा घरेलू म्यूचुअल फंड के लिए रिजर्व रखा है. डिमांड बुक से कहीं ज्यादा थी, इसलिए फंड को राशन किया गया और HDFC, ICICI प्रूडेंशियल और SBI MF में से हर एक को 425 करोड़ मिले. लिस्टिंग के दिन से यह हिस्सा Jio के शेयर प्राइस के साथ ऊपर या नीचे जाएगा. उन्होंने सुझाव दिया, इन्वेस्टर्स को जियो अलॉटमेंट की वजह से कोई स्कीम नहीं खरीदनी चाहिए या उसमें स्विच नहीं करना चाहिए.

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