NSE का IPO फिर ट्रैक पर, जून तक DRHP फाइल करने की तैयारी, 2026 में लिस्टिंग का रास्ता साफ; जानें क्या है अपडेट?
IPO से पहले NSE अपने पुराने रेगुलेटरी मामलों को भी सुलझाने में जुटा है. खासकर कोलोकेशन और डार्क फाइबर से जुड़े मामलों में करीब 1800 करोड़ रुपये के सेटलमेंट की दिशा में काम हो रहा है, जो सेबी की हाई पावर कमेटी की सिफारिशों के तहत है.

NSE IPO : भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज National Stock Exchange (NSE) का बहुप्रतीक्षित IPO अब फिर से रफ्तार पकड़ता दिख रहा है. खबर है कि एक्सचेंज 15 जून तक अपने IPO पेपर्स यानी DRHP फाइल करने की तैयारी में है. अगर यह टाइमलाइन पूरी होती है, तो 2026 के भीतर NSE की शेयर बाजार में लिस्टिंग का रास्ता साफ हो सकता है.
मार्च तिमाही के नतीजों के आधार पर फाइलिंग
बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जून के आखिर तक DRHP दाखिल करने का फायदा यह होगा कि कंपनी मार्च 2026 तिमाही के ताजा फाइनेंशियल्स के साथ आवेदन कर सकेगी. ये नतीजे हाल ही में जारी किए गए हैं, जिससे निवेशकों को कंपनी की मौजूदा हालत का साफ अंदाजा मिलेगा.
सेबी से मंजूरी का इंतजार
IPO पेपर्स फाइल होने के बाद मामला Securities and Exchange Board of India (SEBI) के पास जाएगा, जहां से फाइनल ऑब्जर्वेशन आने में आमतौर पर 2 से 3 महीने लगते हैं. इसके बाद ही IPO लॉन्च का रास्ता खुलता है.
पूरी तरह Offer for Sale होगा IPO
NSE का IPO पूरी तरह Offer for Sale (OFS) होगा, यानी कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा निवेशक अपने हिस्से के शेयर बेचेंगे. अनुमान है कि करीब 5 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेची जा सकती है.
बड़े निवेशक घटा सकते हैं हिस्सेदारी
संभावित तौर पर जिन निवेशकों की हिस्सेदारी घट सकती है, उनमें Temasek, Canada Pension Plan Investment Board, Life Insurance Corporation of India (LIC) और ChrysCapital शामिल हैं.
वैल्यूएशन 4 से 6 लाख करोड़ रुपये के बीच
NSE इस IPO में 4 लाख करोड़ रुपये से 6 लाख करोड़ रुपये के बीच वैल्यूएशन टारगेट कर सकता है, जिससे यह भारत की सबसे वैल्यूएबल लिस्टेड कंपनियों में शामिल हो सकता है.
पुराने विवाद सुलझाने पर फोकस
IPO से पहले NSE अपने पुराने रेगुलेटरी मामलों को भी सुलझाने में जुटा है. खासकर कोलोकेशन और डार्क फाइबर से जुड़े मामलों में करीब 1800 करोड़ रुपये के सेटलमेंट की दिशा में काम हो रहा है, जो सेबी की हाई पावर कमेटी की सिफारिशों के तहत है.
25 मई को EGM, शेयरहोल्डर की मंजूरी जरूरी
IPO से पहले NSE ने 25 मई को एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई है, जिसमें आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में बदलाव के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी.
बोर्ड में नए चेहरे
एक्सचेंज ने हाल में अपने बोर्ड को भी मजबूत किया है. Rajeev Vasudeva को पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर बनाया गया है, जबकि Dinesh Pant को LIC के नॉमिनी डायरेक्टर के रूप में शामिल किया गया है.
2016 से अटका था मामला
NSE ने पहली बार 2016 में IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए थे, लेकिन कोलोकेशन केस में रेगुलेटरी जांच के चलते यह प्रक्रिया अटक गई थी. कुल मिलाकर, NSE का IPO अब फाइनल स्टेज में नजर आ रहा है. अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक चलता है, तो 2026 में बाजार को एक बड़ा और हाई प्रोफाइल लिस्टिंग देखने को मिल सकता है.
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