विदेशों से आता है 84% रेवेन्यू, OYO की पैरेंट कंपनी ने IPO के लिए फाइल किया DRHP; ₹6650 करोड़ का इश्यू
Oyo की पैरेंट कंपनी Prism ने ₹6,650 करोड़ के IPO के लिए SEBI के पास अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल कर दिए हैं. कंपनी IPO से जुटाई गई राशि का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में लगाएगी.
Oyo की पैरेंट कंपनी प्रिज्म (PRISM) आईपीओ लाने की तैयारी में है. कंपनी ने इसके लिए बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास अपने ड्राफ्ट पेपर्स (UDRHP-I) अपडेट कर दिए हैं. यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू होगा, यानी मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं. यहां इस आईपीओ और कंपनी की वित्तीय स्थिति से जुड़ी बड़ी बातें दी गई हैं.
6,650 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू
ईटी रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिज्म का यह आईपीओ 6,650 करोड़ रुपये का होगा. कंपनी आईपीओ से पहले 1,330 करोड़ रुपये का प्री-आईपीओ प्लेसमेंट भी ला सकती है. अगर ऐसा होता है, तो आईपीओ का साइज उतना कम हो जाएगा. इस आईपीओ में रितेश अग्रवाल, सॉफ्टबैंक या अन्य कोई भी मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहा है. शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर होगी.
कर्ज चुकाने में होगा रकम का इस्तेमाल
कंपनी आईपीओ से मिलने वाली रकम में से 4,987.5 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने (repayment or prepayment) के लिए करेगी. बाकी बची रकम सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों पर खर्च होगी. दिसंबर 2025 तक कंपनी पर कुल 7,485 करोड़ रुपये का कर्ज था.
मुनाफे और रेवेन्यू में बंपर उछाल
चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों (9MFY26) में कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा है:
- रेवेन्यू: 6,941 करोड़ रुपये रहा, जो पूरे वित्त वर्ष 2025 (6,259 करोड़ रुपये) से 11% ज्यादा है.
- नेट प्रॉफिट: 748 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि पूरे वित्त वर्ष 2025 में यह 245 करोड़ रुपये था.
- EBITDA: बढ़कर 2,127 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 953 करोड़ रुपये था.
भारत से बाहर 84% बिजनेस
कभी सिर्फ भारत के ‘ओयो’ ब्रांड पर निर्भर रहने वाली इस कंपनी का 84% रेवेन्यू अब विदेशों से आता है.
- अमेरिका: कंपनी ने 2024 में मोटल 6 चलाने वाली कंपनी G6 हॉस्पिटैलिटी को 503.6 मिलियन डॉलर में खरीदा था. इस वजह से अमेरिका अब इसका सबसे बड़ा मार्केट बन गया है. 9 महीनों में कंपनी की कुल बुकिंग वैल्यू (GBV) में अमेरिका की हिस्सेदारी 52.39% रही.
- यूरोप: यूरोप का रेवेन्यू में 24% का योगदान रहा, जहां कंपनी बेलविला और डैनसेंटर जैसे ब्रांड्स चलाती है.
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भारत में भी बढ़ा दायरा
भारत में कंपनी ‘रविवार’, पैलेट और टाउनहाउस जैसे ब्रांड्स के तहत ‘कंपनी-सर्विस’ मॉडल का विस्तार कर रही है. भारत में कंपनी-सर्विस होटलों की संख्या मार्च 2025 के 1,053 से बढ़कर दिसंबर 2025 तक 1,573 हो गई है.
इस मजबूत प्रदर्शन को देखते हुए रेटिंग एजेंसी S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने भी प्रिज्म के आउटलुक को ‘स्टेबल’ से अपग्रेड करके ‘पॉजिटिव’ कर दिया है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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