Powerica IPO: 24 मार्च से खुलेगा 1100 करोड़ रुपये का इश्यू, प्राइस बैंड 375-395 रुपये तय, जानें पूरी डिटेल
IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व है, जबकि 35 प्रतिशत रिटेल निवेशकों और 15 प्रतिशत नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए रखा गया है. यह कंपनी का दूसरा IPO प्रयास है. इससे पहले 2019 में भी कंपनी ने IPO लाने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में उसे टाल दिया गया था.
पावर सॉल्यूशन देने वाली कंपनी Powerica Ltd के IPO पर बड़ा अपडेट आया है. कंपनी का करीब 1,100 करोड़ रुपये का इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) 24 मार्च से खुलकर 27 मार्च तक निवेश के लिए उपलब्ध रहेगा, जबकि एंकर निवेशकों के लिए बोली 23 मार्च को खुलेगी. कंपनी के शेयर 2 अप्रैल को बाजार में लिस्ट होने की संभावना है. कंपनी ने IPO के लिए प्राइस बैंड 375 रुपये से 395 रुपये प्रति शेयर तय किया है, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन करीब 5,000 करोड़ रुपये बैठती है.
इश्यू का स्ट्रक्चर
यह IPO फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) का कॉम्बिनेशन है. इसमें 700 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि करीब 300 करोड़ रुपये के शेयर प्रमोटर्स द्वारा बेचे जाएंगे. OFS के तहत Naresh Oberoi Family Trust और Kabir and Kimaya Family Private Trust अपनी हिस्सेदारी घटाएंगे. पहले OFS का साइज 700 करोड़ रुपये था, जिसे घटाकर 300 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इसी के चलते कुल IPO साइज भी 1,400 करोड़ रुपये से घटकर 1,000 करोड़ रुपये के आसपास रह गया है.
पैसे का इस्तेमाल
फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से करीब 525 करोड़ रुपये कंपनी अपने कर्ज को कम करने में लगाएगी, जबकि बाकी रकम का उपयोग जनरल कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा. RHP के मुताबिक, 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर कुल 571.95 करोड़ रुपये का कर्ज था.
कंपनी का बिजनेस
Powerica एक इंटीग्रेटेड पावर सॉल्यूशन कंपनी है, जो डीजल जनरेटर सेट (DG सेट), मीडियम स्पीड बड़े जनरेटर (MSLG) और इससे जुड़ी सर्विसेज में काम करती है. कंपनी ने 2008 में विंड पावर सेक्टर में भी एंट्री की थी और अब यह EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) और ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस सर्विसेज भी देती है. कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बेंगलुरु, सिलवासा और खोपोली में स्थित हैं.
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
कंपनी की ऑपरेशनल रेवेन्यू FY25 में 20 प्रतिशत बढ़कर 2,653 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 2,210 करोड़ रुपये थी. हालांकि, इसी दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट घटकर 175.83 करोड़ रुपये रह गया, जो FY24 में 226.11 करोड़ रुपये था.
निवेशकों के लिए रिजर्वेशन
IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व है, जबकि 35 प्रतिशत रिटेल निवेशकों और 15 प्रतिशत नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए रखा गया है.
दूसरी बार ला रही IPO
यह कंपनी का दूसरा IPO प्रयास है. इससे पहले 2019 में भी कंपनी ने IPO लाने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में उसे टाल दिया गया था.
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