देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ला रही मेगा IPO, दाखिल किए पेपर, SBI और Amundi बेचेंगे हिस्सेदारी
SBI Funds Management देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है. जल्द ही वह अपना आईपीओ लाने वाली है. इसके लिए कपनी ने सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल कर दिए हैं. यह पूरा इश्यू OFS होगा, जिसमें कंपनी को नई पूंजी नहीं मिलेगी. इस IPO में SBI और Amundi अपनी कुल करीब 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेंगे.
SBI Funds Management Limited IPO: भारतीय शेयर बाजार में एक और बड़ा IPO हलचल मचाने की तैयारी में है. देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी SBI Funds Management Limited यानी SBIFML ने अपने मेगा पब्लिक इश्यू के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल कर दिए हैं. यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल यानी OFS होगा, यानी कंपनी को इश्यू से मिलने वाली रकम मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगी.
इस IPO में SBI Funds Management के प्रमोटर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फ्रांस की एसेट मैनेजमेंट दिग्गज Amundi India Holding अपनी हिस्सेदारी का हिस्सा बेचेंगे. ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार कुल 20.37 करोड़ इक्विटी शेयर यानी करीब 10 प्रतिशत हिस्सेदारी OFS के जरिए बेची जाएगी. इसमें SBI करीब 12.83 करोड़ शेयर यानी 6.3 प्रतिशत हिस्सेदारी घटाएगा, जबकि Amundi करीब 7.53 करोड़ शेयर यानी 3.7 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी.
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, फाइलिंग से पहले SBI की SBIFML में हिस्सेदारी करीब 61.98 प्रतिशत और Amundi की 36.40 प्रतिशत थी. ड्राफ्ट दाखिल होने के बाद यह हिस्सेदारी 61.76 प्रतिशत और 36.26 प्रतिशत दिखाई गई है, जो कॉर्पोरेट अपडेट्स और कैपिटल स्ट्रक्चर के कारण मामूली बदली हुई नजर आती है.
कितना होगा इश्यू साइज?
इस इश्यू का आकार कितना बड़ा हो सकता है, इसका अंदाजा सेक्टर की मौजूदा वैल्यूएशन से लगाया जा रहा है. 2 मार्च 2026 को दूसरी सबसे बड़ी एसेट मैनेजर ICICI Prudential Asset Management का मार्केट कैप करीब 1,39,292 करोड़ रुपये था. अगर उसी के 10 प्रतिशत के बराबर तुलना की जाए, तो SBIFML का OFS आकार लगभग 13,929 करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है. हालांकि यह सिर्फ तुलनात्मक अनुमान है, अंतिम वैल्यूएशन बाजार की स्थिति और निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगी.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अभी IPO बाजार अनिश्चित दौर से गुजर रहा है और कई इश्यू टल भी रहे हैं. ऐसे में SBIFML की फाइलिंग भले हो गई हो, लेकिन असली लॉन्च टाइमिंग बाजार की परिस्थितियों पर काफी हद तक निर्भर करेगी. सेबी की मंजूरी के बाद इश्यू लॉन्च करने के लिए एक साल की समयसीमा रहती है, इसलिए बाद के महीनों में मार्केटिंग के बाद तस्वीर ज्यादा साफ होगी.
9 इंवेस्टमेंट बैंकर्स को दी जिम्मेदारी
इस मेगा इश्यू को संभालने के लिए 9 निवेश बैंकर्स का सिंडिकेट बनाया गया है. इनमें Kotak Mahindra Capital, Axis Capital, Jefferies, SBI Capital, ICICI Securities, Motilal Oswal, HSBC Securities, JM Financial और BofA Securities शामिल हैं.
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