184 गुना सब्सक्राइब हुआ ये IPO, GMP दे रहा 100% से ज्यादा लिस्टिंग गेन का संकेत; 28 अगस्त को होगी लिस्टिंग

Tempsens Instruments IPO को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली और यह कुल 184 गुना सब्सक्राइब हुआ. IPO का अलॉटमेंट 25 अगस्त को फाइनल हो चुका है और कंपनी के शेयर 28 अगस्त को NSE और BSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है. 26 अगस्त को Tempsens Instruments का GMP ₹312 बताया गया, जबकि IPO का अपर प्राइस बैंड ₹300 है.

Tempsens इंस्ट्रूमेंट्स आईपीओ. Image Credit: canva

Highlights

  • Tempsens Instruments IPO को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और यह कुल 184 गुना सब्सक्राइब हुआ.
  • 26 अगस्त को GMP ₹312 रहा, जिससे ₹300 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले करीब 104% लिस्टिंग गेन का संकेत मिल रहा है.
  • Tempsens Instruments के शेयर 28 अगस्त को NSE और BSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है.

Tempsens Instruments IPO को लेकर निवेशकों के बीच अब सबसे ज्यादा चर्चा इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP की हो रही है. IPO का अलॉटमेंट 25 अगस्त को फाइनल हो चुका है और अब निवेशकों की नजर 28 अगस्त की संभावित लिस्टिंग पर है. ग्रे मार्केट में शेयर जिस प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है, उससे लिस्टिंग पर 100% से ज्यादा गेन मिलने का संकेत मिल रहा है. हालांकि, GMP आधिकारिक आंकड़ा नहीं है और यह ग्रे मार्केट में चल रही मांग और अनुमान पर आधारित होता है. इसलिए इसे लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं माना जा सकता. इसके बावजूद मौजूदा GMP को देखते हुए Tempsens Instruments IPO ने निवेशकों का ध्यान खींचा है.

GMP से क्या संकेत मिल रहा है

InvestorGain के आंकड़ों के मुताबिक, 26 अगस्त को Tempsens Instruments का GMP ₹312 था. IPO का अपर प्राइस बैंड ₹300 है. इस हिसाब से अनुमानित लिस्टिंग प्राइस करीब ₹612 बनती है. यानी ₹300 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले ₹312 के GMP से करीब 104% के संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत मिलता है. हालांकि, अलग-अलग समय पर GMP में बदलाव हो सकता है और लिस्टिंग के समय वास्तविक कीमत इससे काफी अलग हो सकती है.

184 गुना सब्सक्राइब हुआ IPO

Tempsens Instruments IPO को निवेशकों की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली. IPO कुल 184 गुना सब्सक्राइब हुआ. QIB कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन 302.88 गुना रहा, जबकि NII कैटेगरी 314.44 गुना सब्सक्राइब हुई. रिटेल इन्वेस्टर्स कैटेगरी भी 60.69 गुना सब्सक्राइब हुई. वहीं Employee Reserved कैटेगरी में 14.95 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया. इतने ज्यादा सब्सक्रिप्शन की वजह से कई निवेशकों को अलॉटमेंट में शेयर नहीं मिल पाए होंगे.

अलॉटमेंट हो चुका, अब क्या करें

Tempsens Instruments IPO का अलॉटमेंट 25 अगस्त को फाइनल हो चुका है. जिन निवेशकों को शेयर अलॉट हुए हैं, उनके डीमैट अकाउंट में शेयर 27 अगस्त को क्रेडिट होने की उम्मीद है. जिन इन्वेस्टर्स को शेयर नहीं मिले हैं, उनके लिए 27 अगस्त को रिफंड प्रोसेस शुरू होने की उम्मीद है. यानी इस दिन असफल आवेदकों के बैंक अकाउंट में ब्लॉक्ड फंड्स रिलीज किए जाएंगे और UPI मैंडेट अनब्लॉक हो जाएगा.

28 अगस्त को होगी लिस्टिंग

Tempsens Instruments IPO की टेंटेटिव लिस्टिंग डेट 28 अगस्त, शुक्रवार तय की गई है. कंपनी के शेयर NSE और BSE दोनों पर लिस्ट होंगे. अलॉटमेंट पाने वाले इन्वेस्टर्स के पास लिस्टिंग डे पर शेयर बेचकर संभावित मुनाफा कमाने या कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्टोरी को देखते हुए शेयर होल्ड करने का विकल्प होगा.

IPO का प्राइस बैंड कितना था

Tempsens Instruments IPO का प्राइस बैंड ₹285 से ₹300 प्रति शेयर तय किया गया था. IPO में एक लॉट में 50 शेयर थे. अपर प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए मिनिमम इन्वेस्टमेंट ₹15,000 था. कंपनी का IPO कुल ₹650 करोड़ का बुक-बिल्ट इश्यू था. इसमें ₹95 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹555 करोड़ का ऑफर फॉर सेल यानी OFS शामिल था.

क्या करती है Tempsens Instruments

Tempsens Instruments की शुरुआत 1990 में हुई थी. कंपनी कस्टमाइज्ड टेम्परेचर सेंसिंग सॉल्यूशंस, इलेक्ट्रिकल हीटिंग सिस्टम्स और स्पेशलाइज्ड केबल्स बनाती है. कंपनी का कारोबार इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस से जुड़ा है और यह टेम्परेचर सेंसर सेगमेंट में भी काम करती है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, भारत के टेम्परेचर सेंसर सेगमेंट में रेवेन्यू के आधार पर कंपनी की मार्केट शेयर करीब 10.5% है.

निवेशकों के लिए क्या है अहम

Tempsens Instruments IPO में 184 गुना सब्सक्रिप्शन और ग्रे मार्केट में ₹312 के GMP ने निवेशकों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं. ₹300 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले यह GMP करीब 104% के संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है. हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि GMP अनौपचारिक और अनुमान आधारित आंकड़ा है. इसलिए वास्तविक लिस्टिंग प्राइस GMP से अलग हो सकती है. लिस्टिंग से पहले बाजार का सेंटीमेंट, डिमांड और ओवरऑल मार्केट कंडीशन भी शेयर की कीमत पर असर डाल सकते हैं.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.