गिरते बाजार में IPO लाने के लिए बेचैन क्यों है OYO, जानें- इसके पीछे क्या है रितेश अग्रवाल की मजबूरी
OYO IPO: ओयो ने वित्त वर्ष 2024 में 229 करोड़ रुपये का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया. जबकि वित्त वर्ष 2023 में उसे 1,286 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. OYO ने हाल ही में अमेरिकी बजट होटल चेन मोटेल 6 का अधिग्रहण किया है. कंपनी अपने कर्ज के बोझ को कम करने की कोशिश में जुटी है.
OYO IPO: ट्रैवल टेक यूनिकॉर्न OYO अपने इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने के प्लान में तेजी ला रही है. कंपनी जल्द-जल्द से मार्केट में लिस्ट होने की योजना पर काम कर रही है. इसके पीछे की वजह कर्ज है, जिसे चुकाने की तारीख नजदीक आ रही है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, OYO के फाउंडर और सीईओ रितेश अग्रवाल के उधार लिए गए 383 मिलियन डॉलर के रीपेमेंट की डेडलाइन नजदीक आ रही है. रिपोर्ट के अनुसार, अग्रवाल ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने और अधिक स्ट्रैटजिक कंट्रोल हासिल करने के लिए 2019 में 2.2 अरब डॉलर का कर्ज लिया था.
नहीं मिली है किस्त की मंजूरी
मल्टीबिलियन-डॉलर के कर्ज पैकेज को 2022 में रिस्ट्रक्चर किया गया था और OYO प्रमुख ने अभी तक पहली किस्त को मंजूरी नहीं दी है. अब अगर OYO अक्टूबर तक IPO नहीं लाती है, तो लेनदार 383 मिलियन डॉलर की मांग कर रहे हैं. हालांकि, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अगर OYO IPO लिस्टिंग इस साल होती है, तो वे 2027 तक रीपेमेंट में देरी करने के लिए तैयार हैं.
पहली बार मुनाफे में आई कंपनी
रितेश अग्रवाल के नेतृत्व वाले स्टार्टअप OYO ने वित्तीय वर्ष 2023-2024 (FY24) में अपने 12 वर्षों के ऑपरेशन में पहली बार पूरी तरह से मुनाफा दर्ज किया. ओयो ने वित्त वर्ष 2024 में 229 करोड़ रुपये का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया. जबकि वित्त वर्ष 2023 में उसे 1,286 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. इसके बाद वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में 132 करोड़ रुपये का लाभ हुआ, जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 158 करोड़ रुपये हो गया और चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में यह बढ़कर 166 करोड़ रुपये हो गया.
आईपीओ के लिए तैयार OYO ने हाल ही में अमेरिकी बजट होटल चेन मोटेल 6 का अधिग्रहण किया है. कंपनी को उम्मीद है कि इससे उसकी कमाई में इजाफा होगा. कंपनी का EBITDA 2025-26 तक 2,000 करोड़ रुपये के पार कर जाने की उम्मीद है.
2021 से IPO की कोशिश में जुटी है कंपनी
ओयो ने 2021 में अपना IPO लाने की कोशिश की थी, लेकिन ड्राफ्ट आवेदन जनवरी 2023 में सेबी द्वारा वापस कर दिया गया. कंपनी ने बाद में एक संशोधित आईपीओ आवेदन फिर से दाखिल किया, लेकिन ऑफर का साइज कम कर दिया. मई 2024 में इसे वापस ले लिया था. उम्मीद है कि कंपनी अपने मौजूदा 450 मिलियन डॉलर के टर्म लोन बी (TLB) को कम ब्याज दर पर रीफाइनेंस करने के बाद सेबी के पास अपने आईपीओ दस्तावेज फिर से दाखिल करेगी.
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