₹11000 करोड़ का IPO ला रही Zepto, जुलाई में हो सकती है लिस्टिंग, Zomato-Swiggy को मिलेगी टक्कर
क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto जुलाई में 11,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की तैयारी में है. कंपनी ने सेबी से मंजूरी मिलने के बाद शेयर बाजार में उतरने की प्रक्रिया तेज कर दी है. Zepto नए शहरों में तेजी से विस्तार करने के बजाय बड़े शहरों में अपनी मजबूत पकड़ और तेज डिलीवरी नेटवर्क पर फोकस कर रही है, जिससे निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है.

Zepto IPO : क्विक कॉमर्स सेक्टर में Zomato और Swiggy के बाद Zepto भी बाजार में एंट्री मारने के लिए तैयार है. कंपनी जुलाई में अपना 11,000 करोड़ रुपये का आईपीओ (IPO) लॉन्च करने की तैयारी में है. अगर यह लिस्टिंग सफल रहती है, तो कंपनी शेयर बाजार में उतरने वाली बड़ी क्विक डिलीवरी कंपनियों में शामिल हो जाएगी.
जुलाई के अंत तक लिस्टिंग की तैयारी
PTI के अनुसार, बेंगलुरु की इस स्टार्टअप कंपनी ने पहले ही सेबी से आईपीओ के लिए मंजूरी हासिल कर ली है. अब कंपनी जल्द ही अपना Updated Draft Red Herring Prospectus (UDRHP) जमा करेगी. माना जा रहा है कि Zepto 31 जुलाई से पहले शेयर बाजार में लिस्ट होने की कोशिश कर रही है.
कम शहरों में ज्यादा पकड़ बनाने की रणनीति
Upstox की रिपोर्ट के अनुसार, Zepto अपने प्रतिद्वंद्वियों से अलग रणनीति पर काम कर रही है. कंपनी तेजी से नए शहरों में फैलने के बजाय मौजूदा शहरों में मजबूत पकड़ बनाने पर ध्यान दे रही है.
इस समय Zepto के पास 61 शहरों में 1,255 डार्क स्टोर हैं. वहीं, प्रतिद्वंद्वी Blinkit के 243 शहरों में 2,222 स्टोर मौजूद हैं. रिपोर्ट के अनुसार, Zepto हर शहर में औसतन ज्यादा स्टोर चलाकर ग्राहकों तक तेज डिलीवरी पहुंचाने पर फोकस कर रही है.
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मेट्रो शहरों पर खास फोकस
रिपोर्ट में कहा गया है कि Zepto का नेटवर्क मुख्य रूप से बड़े मेट्रो शहरों में केंद्रित है. कंपनी का मानना है कि घनी आबादी वाले शहरों में ज्यादा ऑर्डर, तेज डिलीवरी और मजबूत ग्राहक जुड़ाव से बेहतर कमाई हो सकती है.
कंपनी का लक्ष्य केवल ज्यादा शहरों में पहुंचना नहीं, बल्कि चुनिंदा बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करना है ताकि लंबे समय में बेहतर मुनाफा हासिल किया जा सके.
निवेशकों का मजबूत भरोसा
Zepto को पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों का अच्छा समर्थन मिला है. अक्टूबर 2025 में कंपनी ने 450 मिलियन डॉलर यानी लगभग ₹3,757.5 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई थी, जिसमें California Public Employees’ Retirement System (CalPERS) ने निवेश किया था. इस फंडिंग के बाद कंपनी की वैल्यू 7 अरब डॉलर पहुंच गई थी. कंपनी ने अगस्त 2023 में यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल किया था, जब उसकी वैल्यू 1.4 अरब डॉलर आंकी गई थी.
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