कभी नजरअंदाज किया जाता था यह ऑटो शेयर, आज निवेशकों की वॉचलिस्ट में सबसे ऊपर, 3 साल में 15 गुना भागा स्टॉक
ऑटो सेक्टर ने पिछले एक साल में मजबूत प्रदर्शन दिखाया है. जहां Nifty 50 दबाव में रहा, वहीं Auto Index ने शानदार रिटर्न दिए. लेकिन बड़ी ऑटो कंपनियों के बीच एक ऐसा मिडकैप शेयर भी रहा जिसने निवेशकों को चौंका दिया. यह शेयर है Force Motors का.
Force Motors: भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद ऑटो सेक्टर ने पिछले एक साल में मजबूत प्रदर्शन दिखाया है. जहां Nifty 50 दबाव में रहा, वहीं Auto Index ने शानदार रिटर्न दिए. लेकिन बड़ी ऑटो कंपनियों के बीच एक ऐसा मिडकैप शेयर भी रहा जिसने निवेशकों को चौंका दिया. यह शेयर है Force Motors का. पिछले तीन साल में कंपनी का शेयर करीब ₹1,400 से बढ़कर ₹26,000 के ऊपर पहुंच गया. यानी निवेशकों को लगभग 15 गुना रिटर्न मिला.
दिलचस्प बात यह है कि यह तेजी सिर्फ कंपनी के वैन, एम्बुलेंस या SUV बिजनेस की वजह से नहीं आई. असली कहानी कंपनी के उस बिजनेस की है जो आम लोगों की नजर से दूर रहता है. यही वजह है कि अब निवेशकों के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या EV यानी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के दौर में भी कंपनी अपनी मजबूत पकड़ बनाए रख पाएगी.
दो अलग-अलग बिजनेस पर टिकी है कंपनी
Force Motors को ज्यादातर लोग Traveller Van, Urbania और Gurkha SUV बनाने वाली कंपनी के रूप में जानते हैं. Traveller कंपनी का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा बिकने वाला प्रोडक्ट है. इस सेगमेंट में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से ज्यादा बताई जाती है. हालांकि यह बिजनेस काफी प्रतिस्पर्धी है. यहां कंपनी का मुकाबला Tata Motors, Mahindra और Ashok Leyland जैसी बड़ी कंपनियों से होता है. इसलिए सिर्फ इस बिजनेस के दम पर इतनी बड़ी तेजी संभव नहीं मानी जा रही.
असली ताकत है “Invisible Business”
- Force Motors का दूसरा बिजनेस ही इसकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है.
- कंपनी कई बड़ी विदेशी लग्जरी ऑटो कंपनियों के लिए इंजन और महत्वपूर्ण ऑटो पार्ट्स बनाती है.
- 1997 से Force Motors भारत में Mercedes-Benz के लिए इंजन और एक्सल असेंबली पार्टनर है. भारत में बनने वाली हर Mercedes कार का इंजन Force Motors तैयार करती है.
- इसके अलावा कंपनी BMW के लिए भी इंजन और रेडिएटर मॉड्यूल बनाती है. कंपनी Rolls-Royce की सहयोगी कंपनी MTU Solutions के लिए भी विशेष इंजन बनाती है.
- यह काम आसान नहीं होता, क्योंकि इसमें हाई क्वालिटी इंजीनियरिंग और बेहद सटीक मैन्युफैक्चरिंग की जरूरत होती है.
कंपनी की वित्तीय स्थिति में बड़ा बदलाव
- कोरोना महामारी से पहले कंपनी का प्रदर्शन एक सामान्य ऑटो कंपनी जैसा था. लेकिन FY21 के बाद तस्वीर तेजी से बदली.
- FY21 से FY26 के बीच कंपनी की कमाई करीब 35 प्रतिशत CAGR की दर से बढ़ी. वहीं मुनाफे में 66 प्रतिशत CAGR की तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई.
- सबसे बड़ी बात यह रही कि कंपनी का Free Cash Flow भी मजबूत हुआ.
- इसका मतलब है कि अब कंपनी खुद ज्यादा नकदी पैदा कर रही है और विस्तार के लिए बाहरी कर्ज पर कम निर्भर है.
क्या EV दौर में बनी रहेगी पकड़?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या Force Motors EV ट्रांजिशन में खुद को सफलतापूर्वक बदल पाएगी. कंपनी का बड़ा बिजनेस अभी Internal Combustion Engine यानी पेट्रोल-डीजल इंजन प्लेटफॉर्म से जुड़ा है. लेकिन दुनिया की बड़ी ऑटो कंपनियां तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की तरफ बढ़ रही हैं. BMW और Mercedes-Benz दोनों ने आने वाले वर्षों में EV बिक्री बढ़ाने के बड़े लक्ष्य तय किए हैं. भारत में भी EV बिक्री तेजी से बढ़ रही है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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