अप्रैल में इक्विटी फंड में निवेश 5 फीसदी गिरकर 38,440 करोड़ रहा, SIP कंट्रीब्यूशन 31115 करोड़ पर स्थिर

अप्रैल में म्यूचुअल फंड्स में इनफ्लो बढ़कर 3,22,402.98 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले महीने के 2,39,910 करोड़ रुपये के नेट आउटफ्लो की तुलना में एक बड़ा बदलाव है. लार्ज-कैप और मिड-कैप फंड्स निवेशकों के पसंदीदा बने रहे, जिनमें 4,490.49 करोड़ रुपये का इनफ्लो हुआ.

म्यूचुअल फंड Image Credit: Getty image

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) ने सोमवार 11 मई को ताजा डेटा जारी किए. जारी आंकड़ों के अनुसार, सेक्टोरल और थीमेटिक स्कीम्स में निवेश में भारी गिरावट के बीच, म्यूचुअल फंड्स में इक्विटी इनफ्लो (निवेश) महीने-दर-महीने (MoM) आधार पर 5 फीसदी कम होकर 38,440.20 करोड़ रुपये रह गया. मार्च के अंत में इक्विटी म्यूचुअल फंड इनफ्लो 40,450.26 करोड़ रुपये था.

SIP में निवेश स्थिर

इस बीच, SIP इनफ्लो स्थिर रहा, जो मार्च महीने के रिकॉर्ड उच्च स्तर 32,087 करोड़ रुपये से कम होकर 31,115 करोड़ रुपये रह गया. समीक्षाधीन महीने में इक्विटी फंड्स के लिए कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 3,76,654 करोड़ रुपये बढ़कर 35,74,352 करोड़ रुपये हो गया.

डेट फंड्स में जोरदार खरीदारी

कुल मिलाकर, अप्रैल में म्यूचुअल फंड्स में इनफ्लो बढ़कर 3,22,402.98 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले महीने के 2,39,910 करोड़ रुपये के नेट आउटफ्लो की तुलना में एक बड़ा बदलाव है. इसकी मुख्य वजह डेट फंड्स में जोरदार खरीदारी रही.

इक्विटी कैटेगरी में सबसे अधिक निवेश फ्लेक्सी कैप फंड्स में देखा गया, जो 10,147.85 करोड़ रुपये था. इससे पता चलता है कि निवेशक ऐसी अलग-अलग रणनीतियों को पसंद कर रहे हैं, जो फंड मैनेजरों को मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में फ्लेक्सिबिलटी देती हैं.

स्मॉल-कैप फंड्स में निवेश

इसके बाद स्मॉल-कैप फंड्स का नंबर आया, जिनमें 6,885.90 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो हुआ, जबकि मिड-कैप फंड्स को 6,551.40 करोड़ रुपये मिले. लार्ज-कैप और मिड-कैप फंड्स निवेशकों के पसंदीदा बने रहे, जिनमें 4,490.49 करोड़ रुपये का इनफ्लो हुआ, जबकि मल्टी-कैप फंड्स ने इस महीने के दौरान 3,806.01 करोड़ रुपये जुटाए. ELSS में 567.73 करोड़ रुपये का नेट आउटफ्लो देखा गया, जबकि सेक्टोरल और थीमेटिक फंड्स में 1,949.36 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो हुआ.

बनी हुई है दिलचस्पी

डेटा यह दर्शाता है कि बाजार की अस्थिर स्थितियों के बावजूद, इक्विटी-ओरिएंटेड स्कीमों में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है. खास तौर पर फ्लेक्सी कैप, स्मॉल कैप, मिड कैप और सेक्टोरल फंड्स में. डेट स्कीमों में भी बड़े पैमाने पर निवेश (inflows) देखने को मिला, जिसका मुख्य कारण लिक्विड फंड्स और ओवरनाइट फंड्स थे.

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