Gold ETF और Silver ETF में भारी गिरावट, सोने-चांदी की कीमतों में कमजोरी से निवेशकों को झटका!
दिलचस्प बात यह रही कि जहां एक ओर शेयर बाजार में मजबूती बनी रही, वहीं सोने और चांदी से जुड़े ETF में गिरावट जारी रही. सुबह के कारोबार में सेंसेक्स करीब 300 अंक और निफ्टी 75 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. इसके बावजूद Gold ETF और Silver ETF में बिकवाली का दबाव बना रहा, क्योंकि इनकी चाल सीधे तौर पर सोने और चांदी की कीमतों से जुड़ी होती है.

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब कमोडिटी बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है. बुधवार को सोने और चांदी से जुड़े एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF) में जोरदार बिकवाली देखने को मिली. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतें कई हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गईं, जिसके चलते Gold ETF और Silver ETF दबाव में आ गए. बाजार खुलने के बाद Gold ETF में कमजोरी देखने को मिली. Nippon India Gold BeES करीब 3.1 फीसदी टूटकर 121.54 रुपये पर पहुंच गया. वहीं ICICI Prudential Gold ETF में 3.3 फीसदी, SBI Gold ETF में 3.2 फीसदी और Tata Gold ETF में करीब 2.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.
Silver ETF में सबसे ज्यादा बिकवाली
चांदी से जुड़े ETF में और भी ज्यादा दबाव देखने को मिला. SBI Silver ETF, Nippon India Silver ETF, ICICI Prudential Silver ETF और Tata Silver ETF में करीब 4.7 से 4.8 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई. इससे साफ है कि निवेशकों ने इस सेगमेंट में जमकर मुनाफावसूली की.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में टूटा सोना और चांदी
ETF में आई कमजोरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट रही. स्पॉट गोल्ड करीब 1.9 फीसदी गिरकर 4,181 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जो मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है. वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी करीब 1.9 फीसदी टूटकर 4,204 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा. चांदी की कीमतों में भी दबाव बना रहा है. स्पॉट सिल्वर करीब 2.1 फीसदी फिसलकर 64 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. इसके अलावा प्लेटिनम और पैलेडियम में भी कमजोरी देखने को मिली.
क्यों गिर रही हैं कीमती मेटल्स की कीमतें?
बाजार के जानकारों केे मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है. तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा हुई है. इसके चलते निवेशकों को लग रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व समेत दुनिया के कई केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करने में जल्दबाजी नहीं करेंगे. इसके अलावा अमेरिकी डॉलर भी मजबूत हुआ है. डॉलर मजबूत होने पर सोना और चांदी अन्य मुद्राओं के निवेशकों के लिए महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग प्रभावित होती है और कीमतों पर दबाव बढ़ता है.
घरेलू बाजार में भी दिखा असर
वैश्विक कमजोरी का असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला. 10 जून को दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,49,630 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया. वहीं चांदी की कीमत 2,35,520 रुपये प्रति किलोग्राम रही.
शेयर बाजार में तेजी, लेकिन Gold-Silver ETF पर दबाव
दिलचस्प बात यह रही कि जहां एक ओर शेयर बाजार में मजबूती बनी रही, वहीं सोने और चांदी से जुड़े ETF में गिरावट जारी रही. सुबह के कारोबार में सेंसेक्स करीब 300 अंक और निफ्टी 75 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. इसके बावजूद Gold ETF और Silver ETF में बिकवाली का दबाव बना रहा, क्योंकि इनकी चाल सीधे तौर पर सोने और चांदी की कीमतों से जुड़ी होती है.
ये भी पढ़ें: जब विदेशी कंपनी ने उड़ाया मजाक, तब Xerxes Desai ने ठान ली जिद; जन्म हुआ Titan और बदल गई भारतीय घड़ी इंडस्ट्री
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.