Gold-Silver Ratio बढ़कर 65 के करीब, गिरती कीमतों के बीच सोना या चांदी, किसमें बन रहा है निवेश का मौका?
सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट के बाद एक अहम संकेतक फिर चर्चा में है. गोल्ड-सिल्वर रेशियो में बदलाव यह बता रहा है कि बाजार में संतुलन किस ओर झुक रहा है. निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी हो गया है कि आगे किस धातु में बेहतर मौका बन सकता है.
सोने और चांदी की कीमतों में हाल की तेज गिरावट ने निवेशकों को नई रणनीति बनाने पर मजबूर कर दिया है. जहां कुछ महीने पहले सोना और चांदी दोनों रिकॉर्ड ऊंचाई पर थीं, वहीं अब गिरावट के बाद निवेश का संतुलन बदलता नजर आ रहा है. ऐसे में एक अहम संकेतक फिर चर्चा में है, गोल्ड-सिल्वर रेशियो, जो यह बताता है कि इस समय सोना महंगा है या चांदी.
क्या होता है गोल्ड-सिल्वर रेशियो?
गोल्ड-सिल्वर रेशियो यह बताता है कि एक ग्राम सोना खरीदने के लिए कितनी चांदी की जरूरत पड़ेगी. आसान भाषा में, यह दोनों धातुओं की आपसी कीमत का अनुपात है. अगर रेशियो बढ़ता है, तो इसका मतलब है कि सोना चांदी के मुकाबले महंगा हो रहा है. अगर रेशियो घटता है, तो चांदी महंगी मानी जाती है.
अभी 65 के आसपास रेशियो का क्या मतलब है?
इस समय गोल्ड-सिल्वर रेशियो 63-65 के आसपास है. इसका सीधा मतलब है कि सोना, चांदी के मुकाबले थोड़ा ज्यादा मजबूत या महंगा बना हुआ है.
जनवरी के अंत में जब रेशियो 47 तक गिर गया था, तब चांदी ज्यादा वैल्यू में थी. लेकिन अब गिरावट के बाद रेशियो बढ़ गया है, जिससे संकेत मिलता है कि:
- सोना अभी अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प बन रहा है
- चांदी की कीमतों में ज्यादा गिरावट आई है
- बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक सोने की ओर झुकते हैं
कीमतों में कितना बदलाव आया?
2025 में दोनों धातुएं रिकॉर्ड स्तर पर थीं, लेकिन उसके बाद तेज गिरावट आई:
सोना करीब ₹2.30 लाख से गिरकर ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम
चांदी ₹4.39 लाख से गिरकर ₹2.43 लाख प्रति किलो
यह भी पढ़ें: मोदी सरकार देगी ₹2.5 लाख करोड़ का पैकेज! ईरान संकट के बीच राहत योजना पर काम, कोविड जैसी मिलेगी मदद
इसका मतलब है कि चांदी में ज्यादा गिरावट आई, जिससे रेशियो ऊपर चला गया. रेशियो 65 के आसपास होना यह संकेत देता है कि फिलहाल सोना थोड़ा ज्यादा स्थिर माना जा रहा है, जबकि चांदी में रिकवरी की संभावना हो सकती है. आम तौर पर:
- जब रेशियो बहुत ज्यादा (70+ के करीब) जाता है, तब चांदी सस्ती मानी जाती है
- और जब रेशियो बहुत नीचे (50 से कम) आता है, तब सोना अपेक्षाकृत सस्ता होता है
गोल्ड-सिल्वर रेशियो निवेशकों को यह समझने में मदद करता है कि किस धातु में बेहतर मौका बन रहा है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
Yes Bank के स्टॉक पर क्या है एक्सपर्ट का नजरिया, चौथी तिमाही के नतीजे के बाद कैसी रहेगी शेयर की चाल?
HDFC Bank vs ICICI Bank: डिविडेंड देने में कौन आगे? रिकॉर्ड डेट से स्टॉक परफॉर्मेंस तक; समझें पूरा गणित
ये 3 शेयर करा सकते हैं मोटी कमाई! ब्रोकरेज ने लगाया बड़ा दांव- ‘बोला खरीदो’, हफ्ते भर में भागेंगे शेयर
