गजब है म्यूचुअल फंडों में निवेश का 8+4+3 फॉर्मूला, जो 15 वर्षों में बना देगा करोड़पति!
SIP का 8-4-3 नियम एक सरल निवेश रणनीति है जो चक्रवृद्धि ब्याज की शक्ति को दर्शाता है. इस नियम के अनुसार, यदि आप हर महीने 21,250 रुपये का निवेश करते हैं और वार्षिक 12 फीसदी रिटर्न मानते हैं तो,15 वर्षों में यह 1 करोड़ रुपये से अधिक का फंड जेनरेट करता है.आइए जानते हैं कि SIP का ये फॉर्मूला काम कैसे करता है और क्या इस पर मिलने वाले रिटर्न टैक्स फ्री होते हैं?
आज हर कोई अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए निवेश के विभिन्न तरीके खोज रहा है. इन दिनों शेयर बाजार अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है—एक दिन बाजार चढ़ता है, तो दूसरे दिन गिर जाता है. ऐसे में म्युचुअल फंडों में SIP के जरिये निवेश करना एक प्रभावी तरीका हो सकता है. आइए जानते हैं कि SIP का 8-4-3 फॉर्मूला क्या है और यह कैसे काम करता है, जिससे आप करोड़ों का फंड बना सकते हैं.
क्या है SIP का 8+4+3 फॉर्मूला?
8+4+3 फॉर्मूले का मतलब है 8 साल + 4 साल + 3 साल, यानी कुल 15 साल. इस नियम के अनुसार, यदि आप हर महीने 21,250 रुपये का निवेश करते हैं, तो 8 वर्षों के बाद आपके पास लगभग 34 लाख रुपये का का फंड तैयार हो जाएगा. हम मान कर चलते हैं कि वार्षिक आधार पर आपको 12 फीसदी के हिसाब से रिटर्न मिलता है. इस हिसाब से 12 वर्षों के बाद यह फंड लगभग ₹68 लाख तक पहुंच सकता है, और यदि आप 15 वर्षों तक लगातार इतनी ही राशि हर महीने SIP के जरिये निवेश करते रहते हैं, तो आपका फंड 1 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा.
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कंपाउंडिंग के नियम से बढ़ती है रकम
SIP में निवेश की गई राशि पर चक्रवृद्धि की दर से रिटर्न मिलता है. इसका अर्थ है कि आपके रिटर्न पर भी रिटर्न मिलेगा. जैसे, यदि एक लाख रुपये के निवेश पर आपको 10,000 रुपये रुपये मिला है, तो अगले वर्ष इस 10,000 रुपये पर भी रिटर्न मिलेगा.
SIP टैक्स-फ्री है?
SIP टैक्स-फ्री है या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि निवेश कितने लंबे समय के लिए किया गया है। एक साल से अधिक समय तक निवेश करने पर इसे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स की श्रेणी में रखा जाता है. बजाज फिनसर्व के अनुसार, इक्विटी-ओरिएंटेड स्कीम पर 12.5 फीसदी की दर से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है. इक्विटी-ओरिएंटेड स्कीम के अलावा अन्य लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर भी 12.5% की दर से ही टैक्स लगता है. यह पहले 20% था.
कब निकाल सकते हैं फंड?
अधिकांश SIP ओपन एंडेड फंड होते हैं. निवेशक कभी भी अपना निवेश निकाल सकते हैं. कुछ म्यूचुअल फंड जैसे Equity-Linked Savings Scheme (ELSS) में तीन साल का लॉक-इन पीरियड होता है. निवेशक इससे पहले निवेश नहीं निकाल सकते हैं.
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