8th Pay Commission: अगर 2.57 से कम होगा फिटमेंट फैक्टर, फिर भी 53% तक बढ़ सकती है सैलरी! जानें कैसे
8th Pay Commission में 2.1 फिटमेंट फैक्टर को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच चर्चा तेज है. पहली नजर में यह 7th Pay Commission के 2.57 से कम है, लेकिन मौजूदा DA को शामिल करने पर रियल सैलरी ग्रोथ ज्यादा हो सकती है

8th Pay Commission को लेकर केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल फिटमेंट फैक्टर को लेकर है. 7th Pay Commission में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था. ऐसे में अगर 8th Pay Commission में 2.1 फिटमेंट फैक्टर आता है तो पहली नजर में यह कम लग सकता है. लेकिन एक कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि की कैलकुलेशन के मुताबिक, 2.1 फिटमेंट फैक्टर के बावजूद कर्मचारियों को 7th Pay Commission की तुलना में ज्यादा रियल फायदा मिल सकता है. इसकी वजह मौजूदा DA है.
2.1 फिटमेंट फैक्टर पर कितनी सैलरी
अगर 8th Pay Commission में 2.1 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी 18000 रुपये से बढ़कर 37800 रुपये हो जाएगी. यानी बेसिक पे में सीधे 19800 रुपये की बढ़ोतरी होगी. हालांकि इसे कर्मचारी की अंतिम सैलरी नहीं माना जा सकता. नई वेतन व्यवस्था लागू होने के बाद भत्ता और दूसरे वेतन फैक्टर में भी बदलाव हो सकता है. इसलिए अंतिम इन हैंड सैलरी इससे अलग होगी.
2.57 फिटमेंट फैक्टर से तुलना क्यों अधूरी है
7th Pay Commission में 2.57 फिटमेंट फैक्टर के जरिए न्यूनतम बेसिक सैलरी 7000 रुपये से बढ़ाकर 18000 रुपये की गई थी. लेकिन उस समय कर्मचारियों को पुराने बेसिक पर DA भी मिल रहा था. उस समय DA 125 फीसदी था. 7000 रुपये की बेसिक सैलरी पर DA करीब 8750 रुपये बनता था. यानी कर्मचारी को बेसिक और DA मिलाकर करीब 15750 रुपये मिल रहे थे. इसके मुकाबले नई बेसिक सैलरी 18000 रुपये हुई.
2.1 फिटमेंट फैक्टर में DA क्यों अहम है
8th Pay Commission में 2.1 फिटमेंट फैक्टर का असर समझने के लिए सिर्फ 18000 रुपये की बेसिक सैलरी से तुलना करना सही नहीं होगा. कर्मचारी को मौजूदा बेसिक के ऊपर DA भी मिल रहा है. इसलिए रियल सैलरी ग्रोथ की तुलना मौजूदा बेसिक प्लस DA से करनी होगी. इसी आधार पर All India NPS Employees Federation के अध्यक्ष Manjeet Singh Patel ने 2.1 फिटमेंट फैक्टर को लेकर अपनी कैलकुलेशन पेश की है.
53 फीसदी का अनुमान
पटेल के कैलकुलेशन के मुताबिक, 2.1 फिटमेंट फैक्टर से मिलने वाला प्रभावी फायदा करीब 53 फीसदी हो सकता है. वहीं 7th Pay Commission में 2.57 फिटमेंट फैक्टर के बावजूद वास्तविक फायदा करीब 32 फीसदी रहा था. इसका कारण यह है कि 7th Pay Commission के समय कर्मचारियों को पुराने बेसिक पर पहले से DA मिल रहा था. इसलिए फिटमेंट फैक्टर की सीधी तुलना रियय सैलरी ग्रोथ की सही तस्वीर नहीं देती.
Pay Level पर कितनी हो सकती है बेसिक
अगर 2.1 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो अलग अलग Pay Level पर बेसिक सैलरी इस तरह बदल सकती है. Pay Level 1 में 18000 रुपये की बेसिक 37800 रुपये हो सकती है. Pay Level 4 में 25500 रुपये की बेसिक बढ़कर 53550 रुपये हो सकती है. वहीं Pay Level 13 में 123100 रुपये की बेसिक 258510 रुपये हो सकती है. ये केवल फिटमेंट फैक्टर के आधार पर निकाली गई कैलकुलेशन है.
क्या 2.1 फिटमेंट फैक्टर फाइनल है
अभी 2.1 फिटमेंट फैक्टर को सरकार ने मंजूरी नहीं दी है. 8th Central Pay Commission अभी अपनी सिफारिशों पर काम कर रहा है. इसलिए अंतिम फिटमेंट फैक्टर क्या होगा और कर्मचारियों की सैलरी में रियल कितनी होगी, यह बाद में साफ होगा. इसके अलावा नया पे स्ट्रक्चर में भत्ता और दूसरे वेतन घटकों का भी असर होगा. इसलिए अभी 2.1 को संभावित कैलकुलेशन के तौर पर ही देखना चाहिए.
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कर्मचारियों के लिए क्या है सबसे जरूरी बात
कर्मचारियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि केवल फिटमेंट फैक्टर की संख्या देखकर सैलरी बढ़ोतरी का अनुमान नहीं लगाना चाहिए. 2.1 सुनने में 7th CPC के 2.57 से कम है, लेकिन मौजूदा DA को शामिल करने पर वास्तविक फायदा ज्यादा हो सकता है. हालांकि करीब 53 फीसदी का आंकड़ा आधिकारिक अनुमान नहीं है. यह मनजीत सिंह पटेल की कैलकुलेशन है. अंतिम फैसला 8th Pay Commission की सिफारिश और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा.