8th Pay Commission | कर्मचारियों को लगेगा बड़ा झटका, आंकड़ों में कमजोर निकली सरकार!
आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. आयोग ने केंद्रीय मंत्रालयों, सरकारी विभागों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्वायत्त संस्थानों से जरूरी आंकड़े जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी है. वजह यह है कि कई विभाग अब तक कर्मचारियों, पेंशनर्स, वेतन ढांचे और अन्य जरूरी जानकारियां आयोग को उपलब्ध नहीं करा सके हैं. यही डेटा आयोग की सिफारिशों का आधार बनेगा, जिससे तय होगा कि कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी की जा सकती है. ऐसे में डेटा मिलने में देरी से आयोग की आगे की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है.
वहीं, एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकार अपने कर्मचारियों पर होने वाले वास्तविक खर्च का पूरा आंकड़ा नहीं दिखा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों, आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी कर्मचारियों और स्वायत्त संस्थानों पर होने वाला खर्च मौजूदा सरकारी आंकड़ों में पूरी तरह शामिल नहीं होता. विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को सभी तरह के कर्मचारियों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना चाहिए, ताकि वेतन और पेंशन से जुड़े फैसले अधिक पारदर्शी और सटीक तरीके से लिए जा सकें. इससे भविष्य में वेतन आयोग की सिफारिशें तैयार करने में भी आसानी होगी.
