EPFO का बड़ा अलर्ट! समय पर नहीं निकाला PF का पैसा तो हो सकता है ब्याज का नुकसान, करें ये काम
EPFO ने अपने सदस्यों को इनऑपरेटिव EPF अकाउंट को लेकर आगाह किया है. संगठन ने कहा है कि रिटायरमेंट के बाद तय समय सीमा के भीतर PF की निकासी नहीं करने पर ब्याज का नुकसान हो सकता है. EPFO ने यह भी बताया कि किन परिस्थितियों में अकाउंट इनऑपरेटिव माना जाता है और बचत को सुरक्षित रखने के लिए पांच जरूरी सलाह दी हैं.
Highlights
- EPFO ने PF खाताधारकों को किया अलर्ट किया है.
- इनएक्टिव अकाउंट बनने से पहले निकालने की सलाह दी है.
- नहीं तो बंद हो जाएगा ब्याज.
EPFO Inoperative Account Rule: अगर आप कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्य हैं और नौकरी छोड़ चुके हैं या रिटायर हो चुके हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. EPFO ने अपने सदस्यों को ‘इनऑपरेटिव EPF अकाउंट’ को लेकर जागरूक करते हुए समय पर PF राशि निकालने की सलाह दी है. संगठन का कहना है कि तय समय सीमा के भीतर निकासी नहीं करने पर सदस्यों को ब्याज के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.
EPFO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए कहा, “Let’s Decode Inoperative Accounts! Avoid interest loss. Withdraw your EPF amount on time.” इसके साथ संगठन ने बताया कि इनऑपरेटिव अकाउंट बनने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
कब तक निकालना होगा PF का पैसा?
EPFO ने दो अलग-अलग परिस्थितियों के लिए समय सीमा स्पष्ट की है.
- अगर कर्मचारी 55 वर्ष की उम्र से पहले रिटायर हुआ है, तो उसे 58 वर्ष की उम्र तक अपना EPF पैसा निकाल लेना चाहिए, ताकि ब्याज का नुकसान न हो.
- अगर कर्मचारी 55 वर्ष या उसके बाद रिटायर हुआ है, तो उसे रिटायरमेंट की तारीख से तीन साल के भीतर EPF की राशि निकाल लेनी चाहिए.
क्या होता है Inoperative EPF Account?
EPFO के नियमों के अनुसार, जब किसी सदस्य के EPF खाते में नौकरी छोड़ने या योगदान बंद होने के बाद कोई नया अंशदान नहीं आता, तो वह खाता इनऑपरेटिव माना जाता है. इसी वजह से EPFO ने सदस्यों को सलाह दी है कि वे तय समय सीमा के भीतर अपने EPF की निकासी कर लें, ताकि ब्याज के नुकसान से बचा जा सके.
EPFO ने दिए ये 5 जरूरी सुझाव
रिटायरमेंट की बचत को सुरक्षित रखने के लिए EPFO ने सदस्यों को ये पांच सलाह दी हैं.
- अपने UAN के जरिए EPF खाते की नियमित निगरानी करें.
- आधार और बैंक खाते सहित KYC विवरण हमेशा अपडेट रखें.
- नौकरी बदलने पर, जहां लागू हो, EPF बैलेंस ट्रांसफर कराएं.
- रिटायरमेंट के बाद EPFO द्वारा तय समय सीमा के भीतर PF की निकासी करें.
- EPFO की ओर से जारी होने वाली नई सलाह और नियमों पर नियमित नजर रखें.
EPFO का कहना है कि रिटायरमेंट प्लानिंग केवल बचत जमा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस बचत का सही समय पर और सही तरीके से मैनेजमेंट करना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए सभी एलिजिबल सदस्य समय-समय पर अपने EPF खाते की स्थिति जांचते रहें और निर्धारित समय सीमा के भीतर जरूरी कार्रवाई करें.
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