टैक्सपेयर्स के लिए आया एक्सेल टूल, टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा आसान; जानें पूरा मामला
आयकर विभाग ने 2025-26 के लिए टैक्सपेयर्स की मदद के लिए एक नया एक्सेल टूल शुरू किया है. यह टूल ITR-1 और ITR-4 फॉर्म के लिए है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने यह फैसला लिया ताकि लोगों को टैक्स दाखिल करने में आसानी हो. अब आपके पास अपने दस्तावेज तैयार करने और रिटर्न जमा करने के लिए ज्यादा समय है.
New Excel Tool for Tax payers: आयकर विभाग ने 2025-26 के लिए टैक्सपेयर्स की मदद के लिए एक नया एक्सेल टूल शुरू किया है. यह टूल ITR-1 और ITR-4 फॉर्म के लिए है. इससे टैक्स रिटर्न दाखिल करना आसान हो गया है. विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि अब लोग 2024-25 की इनकम के लिए इस टूल का उपयोग कर सकते हैं. ITR-1 और ITR-4 दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दी गई है.
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने यह फैसला लिया ताकि लोगों को टैक्स दाखिल करने में आसानी हो. अब आपके पास अपने दस्तावेज तैयार करने और रिटर्न जमा करने के लिए ज्यादा समय है.
कौन इस्तेमाल कर सकता है ये फॉर्म?
- ITR-1 (सहज): यह फॉर्म उन लोगों के लिए है जो भारत में रहते हैं और उनकी सालाना आय 50 लाख रुपये तक है.
- ITR-2: यह फॉर्म उन व्यक्तियों या हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए है जो ITR-1 नहीं भर सकते.
- ITR-3: यह फॉर्म उन व्यक्तियों और HUF के लिए है जो व्यवसाय या पेशा करते हैं और जिन्हें बहीखाता का हिसाब रखना पड़ता है.
- ITR-4 (सुगम): यह फॉर्म भारत में रहने वाले व्यक्तियों, HUF, या फर्म (LLP को छोड़कर) के लिए है, जिनकी आय 50 लाख रुपये तक है.
- ITR-5: यह फॉर्म फर्म, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP), एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (AOP), बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स (BOI), और आर्टिफिशियल ज्यूरिडिकल पर्सन (AJP) के लिए है.
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अब इन दोनों फॉर्म में शेयरों से 1.25 लाख रुपये तक के लंबी अवधि के लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन को शामिल किया जा सकता है. पहले इसके लिए ITR-2 भरना पड़ता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया आसान हो गई है. आमतौर पर ITR फॉर्म फरवरी या मार्च में जारी होते हैं. लेकिन इस बार ये अप्रैल और मई के अंत में आए. देरी इसलिए हुई क्योंकि अधिकारी फरवरी में संसद में पेश नए आयकर बिल पर काम कर रहे थे.
क्यों है यह जरूरी?
यह एक्सेल टूल और बढ़ी हुई समय सीमा टैक्स दाखिल करना आसान और तनावमुक्त बनाते हैं. अगर आप ITR-1 या ITR-4 के लिए इलिजिबल हैं तो इस सुविधा का उपयोग करें और 15 सितंबर 2025 तक अपनी रिटर्न दाखिल करें.
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