HDFC Bank ने सस्ता किया लोन, MCLR में की कटौती; घटेगी EMI
HDFC Bank ने MCLR में 5 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती की है, जिससे होम लोन और अन्य MCLR से जुड़े लोन लेने वालों को राहत मिलने की संभावना बनी है. नई दरें 7 जनवरी 2026 से लागू हो चुकी हैं और इसका असर लोन की रीसेट डेट के बाद EMI पर दिख सकता है. ओवरनाइट, वन-मंथ और थ्री-मंथ MCLR में कटौती की गई है.
HDFC Bank MCLR Cut: देश में घर और गाड़ी के लिए लोन लेने वालों के लिए अच्छी खबर सामने आई है. HDFC Bank ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट यानी MCLR में 5 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती का ऐलान किया है. बैंक की ओर से जारी यह नई रेट 7 जनवरी 2026 से प्रभावी हो चुकी है. जिन ग्राहकों के लोन MCLR से जुड़े हैं, उनके लिए आने वाले समय में EMI कम होने की संभावना बन रही है, खासकर रीसेट डेट के बाद.
किस टेन्योर पर कितनी कटौती हुई
HDFC Bank की ओर से जारी नए रेट स्ट्रक्चर के मुताबिक, अलग-अलग टेन्योर पर अलग-अलग बदलाव किए गए हैं. ओवरनाइट और वन-मंथ MCLR में 5 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई है, जिसके बाद ये दरें 8.30 फीसदी से घटकर 8.25 फीसदी हो गई हैं. इसी तरह थ्री-मंथ MCLR को भी 5 बेसिस प्वाइंट घटाकर 8.30 फीसदी कर दिया गया है.
हालांकि, सिक्स-मंथ MCLR में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह 8.40 फीसदी पर बनी हुई है. वहीं, होम लोन और कई रिटेल लोन के लिए अहम माने जाने वाले वन-ईयर MCLR को 8.45 फीसदी से घटाकर 8.40 फीसदी कर दिया गया है. टू-ईयर और थ्री-ईयर MCLR में भी कोई कटौती नहीं हुई है और ये क्रमशः 8.50 फीसदी और 8.55 फीसदी पर बरकरार हैं. नई दरों के बाद HDFC Bank की MCLR अब 8.25 फीसदी से 8.55 फीसदी के दायरे में है.
| अवधि | पुरानी दर | नई दर | बदलाव |
|---|---|---|---|
| ओवरनाइट | 8.30 फीसदी | 8.25 फीसदी | 5 बेसिस प्वाइंट की कटौती |
| एक महीना | 8.30 फीसदी | 8.25 फीसदी | 5 बेसिस प्वाइंट की कटौती |
| तीन महीना | 8.35 फीसदी | 8.30 फीसदी | 5 बेसिस प्वाइंट की कटौती |
| छह महीना | 8.40 फीसदी | 8.40 फीसदी | कोई बदलाव नहीं |
| एक साल | 8.45 फीसदी | 8.40 फीसदी | 5 बेसिस प्वाइंट की कटौती |
| दो साल | 8.50 फीसदी | 8.50 फीसदी | कोई बदलाव नहीं |
| तीन साल | 8.55 फीसदी | 8.55 फीसदी | कोई बदलाव नहीं |
होम लोन वाले को कैसे मिलेगी राहत
MCLR में कटौती का सीधा फायदा उन उधारकर्ताओं को मिलता है, जिनके होम लोन फ्लोटिंग रेट पर हैं और MCLR से जुड़े हैं. जब लोन की रीसेट डेट आती है, तब नई ब्याज दर लागू होती है. ऐसे में जिन ग्राहकों का रीसेट जल्द होने वाला है, उनकी EMI में कुछ कमी देखने को मिल सकती है. इससे खासतौर पर मध्यम वर्ग के परिवारों को राहत मिल सकती है, जिनके मासिक खर्च पहले से ही दबाव में हैं.
MCLR क्या है और क्यों है अहम
MCLR वह न्यूनतम ब्याज दर होती है, जिस पर बैंक लोन दे सकता है, जब तक कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से कोई विशेष अनुमति न दी गई हो. इसे साल 2016 में लागू किया गया था. यह बैंक की मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स, ऑपरेटिंग कॉस्ट और अन्य फैक्टर्स पर आधारित होती है. इसी वजह से MCLR में बदलाव लोन की ब्याज दर तय करने में अहम भूमिका निभाता है.
बेस रेट, BPLR और डिपॉजिट रेट की स्थिति
HDFC Bank की बेस रेट फिलहाल 8.90 फीसदी है, जो 19 सितंबर 2025 से लागू है. बैंक की बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट यानी BPLR को भी 17.40 फीसदी प्रति वर्ष पर रखा गया है. डिपॉजिट की बात करें तो HDFC Bank सामान्य ग्राहकों को 3 करोड़ से कम जमा पर 2.75 फीसदी से 6.45 फीसदी तक का ब्याज दे रहा है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 3.25 फीसदी से 6.95 फीसदी तक है. ये दरें 17 दिसंबर 2025 से प्रभावी हैं.
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