न दिन, न हफ्तों का इंतजार… कुछ ही घंटों में मिल सकते हैं पर्सनल लोन के पैसे, जानें वे 4 कारण जिनसे अटकती है लोन की रकम
पर्सनल लोन को अक्सर तुरंत मिलने वाली सुविधा के रूप में पेश किया जाता है, लेकिन हकीकत इससे अलग है. लोन की मंजूरी और खाते में पैसे आने के बीच का समय कई बातों पर निर्भर करता है. कुछ लोगों को रकम घंटों में मिल जाती है, जबकि दूसरों को कई दिन इंतजार करना पड़ता है. इसकी वजह बैंकिंग प्रक्रिया और आपकी वित्तीय प्रोफाइल होती है.
Personal Loan: पर्सनल लोन को अक्सर फटाफट पैसे पाने का आसान तरीका बताया जाता है. ऐप पर अप्रूव्ड का मैसेज आता है, एसएमएस भी मिल जाता है, और लगता है कि पैसा बस खाते में आने ही वाला है. लेकिन असली खेल अप्रूवल और खाते में रकम आने के बीच के समय में होता है. यही वह स्टैप है जहां कई छोटे-छोटे कारण तय करते हैं कि पैसा आज मिलेगा या अगले हफ्ते. इस रिपोर्ट में चार बड़े कारण दिए गए हैं, जो तय करते हैं कि लोन की रकम मिलने में कितना वक्त लगेगा.
क्या बैंक आपको पहले से जानता है?
अगर आपका वेतन या नियमित आमदनी उसी बैंक में आती है, जहां से आप लोन ले रहे हैं, तो प्रक्रिया काफी तेज हो जाती है. बैंक को आपकी कमाई, खर्च और लेनदेन का रिकॉर्ड पहले से दिख रहा होता है. इसी वजह से प्री-अप्रूव्ड ऑफर जल्दी प्रोसेस होते हैं. इन मामलों में जांच-पड़ताल पहले ही हो चुकी होती है, लेकिन अगर आप किसी नए बैंक या डिजिटल लेंडर से लोन ले रहे हैं, तो उन्हें आपकी आय, पता और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड को दोबारा जांचना पड़ता है. यही प्रक्रिया एक-दो दिन अतिरिक्त ले सकती है.
आमदनी कितनी साफ और समझने में आसान है?
लोन की रफ्तार सिर्फ कमाई की रकम पर नहीं, बल्कि उसकी साफ-सुथरी तस्वीर पर निर्भर करती है. साफ-सुथरी तस्वीर से मतलब है कि हर महीने एक तय तारीख को सैलरी आना बैंक के लिए समझना आसान है. लेकिन अगर खाते में अलग-अलग स्रोतों से पैसे आते हैं, कभी ज्यादा तो कभी कम, या बार-बार कैश जमा होता है, तो जांच लंबी हो जाती है. खासकर सेल्फ-एम्प्लॉयड लोगों को यह ज्यादा झेलना पड़ता है. भले ही कमाई अच्छी हो, बैंक स्टेटमेंट, जीएसटी रिटर्न या आईटीआर को विस्तार से देखा जाता है. किसी एक महीने की गड़बड़ी भी आवेदन को ऑटोमेटिक प्रोसेस से निकालकर मैनुअल जांच में भेज सकती है.
आपकी क्रेडिट प्रोफाइल और लोन राशि का मेल
लोन मिलने में अच्छा क्रेडिट स्कोर मदद करता है, लेकिन सिर्फ स्कोर ही सब कुछ नहीं है. अगर आपका स्कोर ठीक है और आप कम राशि का लोन मांग रहे हैं, तो अप्रूवल और डिस्बर्सल जल्दी हो सकता है. लेकिन वही स्कोर अगर बड़ी रकम या पहले से चल रही ज्यादा EMI के साथ जुड़ा है, तो बैंक अतिरिक्त जांच करता है. इसका मतलब हमेशा रिजेक्शन नहीं होता, लेकिन अंतिम मंजूरी में समय जरूर लगता है.
बैंक पैसे कैसे जारी करता है?
हर बैंक लोन अप्रूवल के तुरंत बाद पैसा जारी नहीं करता. कुछ बैंक केवल कुछ घंटों में ही भुगतान करते हैं. कई संस्थान दिन में एक या दो बार ही फंड ट्रांसफर करते हैं. वीकेंड, छुट्टियां और कट-ऑफ टाइम भी अहम भूमिका निभाते हैं. डिजिटल लेंडर आमतौर पर तेज होते हैं क्योंकि साइन, वेरिफिकेशन और ई-मैंडेट सब ऑनलाइन होते हैं. बैंक पहली बार के ग्राहकों के लिए अतिरिक्त जांच या आंतरिक मंजूरी ले सकते हैं.
कितना समय लग सकता है?
अगर आपके पास अपने सैलरी बैंक से प्री-अप्रूव्ड ऑफर है, तो उसी दिन पैसा मिल सकता है. ज्यादातर सैलरीड लोगों के लिए एक से तीन कार्यदिवस सामान्य समय है. बिजनेस या नए बैंक से लोन लेने वालों के लिए पांच से सात कार्यदिवस लगना आम बात है.
