ITR-2 को लेकर बढ़ी हलचल! कौन भर सकता है फॉर्म और किसे रहना होगा दूर; जानें डिटेल्स
ITR Filing 2026 को लेकर टैक्स विभाग ने कई अहम अपडेट जारी किए हैं. AY 2025-26 में ITR-2 फाइलिंग 18 जुलाई 2025 से शुरू हुई थी, जबकि AY 2026-27 के लिए ITR-1 और ITR-4 की फाइलिंग सुविधा एक्टिव हो चुकी है. ITR-2 फॉर्म उन टैक्सपेयर्स के लिए लागू होता है, जिनकी आय सैलरी, पेंशन, कैपिटल गेन या हाउस प्रॉपर्टी से होती है.

ITR-2 Filing: इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करना हर टैक्सपेयर के लिए बेहद जरूरी प्रक्रिया होती है. इसके जरिए व्यक्ति अपनी सालभर की आय, टैक्स भुगतान और रिफंड से जुड़ी जानकारी सरकार को देता है. यही नहीं, ITR भविष्य में लोन, वीजा, क्रेडिट कार्ड और दूसरे फाइनेंशियल कामों में भी अहम दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल होता है. ऐसे में हर साल अलग-अलग ITR फॉर्म और उनकी डेडलाइन को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता रहती है. अब असेसमेंट ईयर 2026-27 को लेकर भी टैक्स विभाग ने कुछ महत्वपूर्ण अपडेट जारी किए हैं. खासतौर पर ITR-2 फॉर्म को लेकर लोग यह जानना चाहते हैं कि पिछले साल इसकी फाइलिंग कब शुरू हुई थी और इस बार क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
AY 2025-26 में कब शुरू हुई थी ITR-2 फाइलिंग
असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए ITR-2 फाइलिंग 18 जुलाई 2025 से शुरू की गई थी. यह फॉर्म फाइनेंशियल ईयर 2024-25 की आय के लिए लागू था. उस समय टैक्सपेयर्स के लिए बिना ऑडिट वाले मामलों में ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर 2025 तय की गई थी. हालांकि, अंतिम समय में तकनीकी दिक्कतों की वजह से कई लोगों को परेशानी हुई थी.
इसके बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज यानी CBDT ने डेडलाइन खत्म होने से कुछ मिनट पहले ही इसे एक दिन के लिए बढ़ाने का फैसला लिया था. अब मौजूदा असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है. ऐसे में टैक्सपेयर्स को सलाह दी जा रही है कि वे अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय समय रहते रिटर्न फाइल करें.
कौन भर सकता है ITR-2 फॉर्म
ITR-2 मुख्य रूप से उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों यानी HUF के लिए होता है, जिनकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से नहीं होती. यह फॉर्म उन लोगों के लिए उपयोगी है, जिनकी कमाई सैलरी, पेंशन, कैपिटल गेन, हाउस प्रॉपर्टी या ब्याज जैसी दूसरी आय से होती है.
इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति को अपने पति-पत्नी या नाबालिग बच्चे की आय को क्लब करके दिखाना होता है, तब भी ITR-2 फॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है. शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी बिक्री से कैपिटल गेन कमाने वाले टैक्सपेयर्स भी आमतौर पर इसी फॉर्म का इस्तेमाल करते हैं.
किन लोगों के लिए लागू नहीं है ITR-2
अगर किसी व्यक्ति या HUF की आय बिजनेस या प्रोफेशन से आती है, तो वह ITR-2 का इस्तेमाल नहीं कर सकता. ऐसे मामलों में ITR-3 ज्यादा उपयुक्त माना जाता है. वहीं, जो लोग ITR-1 यानी सहज फॉर्म भरने के पात्र हैं, उन्हें भी ITR-2 भरने की जरूरत नहीं होती.
इसके अलावा, पार्टनरशिप फर्म से सैलरी, बोनस, कमीशन या रेम्यूनरेशन पाने वाले लोग भी ITR-2 का इस्तेमाल नहीं कर सकते. ऐसे टैक्सपेयर्स को अपनी आय के अनुसार दूसरे ITR फॉर्म चुनने होते हैं.
AY 2026-27 के लिए क्या हुआ है नया
असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स विभाग ने कुछ फॉर्म्स की फाइलिंग सुविधा पहले ही शुरू कर दी है. विभाग ने ITR-1 और ITR-4 के लिए ऑनलाइन फाइलिंग और एक्सेल यूटिलिटी दोनों को एक्टिव कर दिया है. इसका मतलब है कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की आय के लिए टैक्सपेयर्स अब रिटर्न भरना शुरू कर सकते हैं.
ITR-1 यानी सहज फॉर्म मुख्य रूप से सैलरी पाने वाले कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए होता है. वहीं, ITR-4 यानी सुगम फॉर्म छोटे कारोबारियों और प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम के तहत आने वाले प्रोफेशनल्स के लिए इस्तेमाल किया जाता है. ये सभी सुविधाएं अब आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर लाइव हैं, जहां टैक्सपेयर ऑनलाइन या ऑफलाइन एक्सेल यूटिलिटी के जरिए अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं.
समय पर ITR फाइल करना क्यों जरूरी
समय पर ITR फाइल करने से लेट फीस और पेनाल्टी से बचाव होता है. इसके अलावा, रिफंड जल्दी मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है. ITR एक मजबूत फाइनेंशियल रिकॉर्ड के रूप में काम करता है, जो भविष्य में बैंक लोन, होम लोन, क्रेडिट कार्ड और विदेश यात्रा के दौरान वीजा आवेदन में काफी मददगार साबित होता है.
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