ITR भरने में देर पड़ सकती है भारी! लेट फीस, ब्याज और टैक्स बेनिफिट नुकसान से बचना है तो जान लें ये जरूरी बातें
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन आखिरी तारीख का इंतजार करना आपके लिए महंगा साबित हो सकता है. समय पर ITR दाखिल करने से न सिर्फ लेट फीस और ब्याज से बचा जा सकता है, बल्कि कैपिटल लॉस को आगे ले जाने, बेहतर क्रेडिट प्रोफाइल बनाए रखने और लोन या वीजा आवेदन में मदद जैसे कई फायदे भी मिलते हैं.
ITR AY 2026-27 Last Date: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का सीजन शुरू हो चुका है. वित्तीय वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए टैक्स विभाग ने सभी फॉर्म भी जारी कर दिए हैं. इसके बावजूद, बहुत से लोग आखिरी तारीख का इंतजार करते हैं. ऐन वक्त पर रिटर्न दाखिल करने से न केवल पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतें आती हैं, बल्कि हड़बड़ी में गलतियां होने की आशंका भी बढ़ जाती है. अगर आप समय रहते अपना ITR फाइल करते हैं, तो आप इन सभी परेशानियों से बच सकते हैं.
आइए जानते हैं कि आखिरी तारीख से पहले ITR फाइल करना आपके लिए क्यों फायदेमंद है:
- लेट फीस और ब्याज की सीधी बचत
यदि आप तय समय सीमा के भीतर अपना रिटर्न दाखिल नहीं कर पाते हैं, तो आपके पास 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न फाइल करने का मौका तो रहेगा, लेकिन इसके लिए आपको भारी कीमत चुकानी होगी:
- धारा 234A के तहत बकाया टैक्स राशि पर 1% प्रति माह या उसके हिस्से की दर से ब्याज देना होगा.
- यदि आपकी कुल आय 5 लाख रुपये से अधिक है, तो 5,000 रुपये की लेट फीस लगेगी. वहीं, 5 लाख रुपये तक की आय पर 1,000 रुपये का जुर्माना देना होगा.
- घाटे को आगे बढ़ाने का मौका
शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी या बिजनेस में होने वाले नुकसान (कैपिटल लॉस) को आप भविष्य की कमाई के सामने एडजस्ट कर सकते हैं, जिससे आपका टैक्स कम हो जाता है. लेकिन यह फायदा आपको तभी मिलेगा जब आप अपना ITR ड्यू डेट से पहले भरेंगे. देरी करने पर आप इस बड़े टैक्स बेनिफिट से हाथ धो बैठेंगे. - क्रेडिट स्कोर और फाइनेंशियल साख पर असर
ITR सिर्फ टैक्स का हिसाब नहीं है, बल्कि यह आपकी वित्तीय अनुशासन का सर्टिफिकेट है. जब आप होम लोन, पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक पिछले कुछ सालों का ITR मांगते हैं. देर से फाइल किया गया ITR आपकी वित्तीय लापरवाही को दर्शाता है, जिससे लोन मिलने में दिक्कत आ सकती है. इसके अलावा, अमेरिका और जापान जैसे देशों के वीजा आवेदन के लिए भी समय पर भरा गया ITR एक मजबूत इनकम प्रूफ माना जाता है.
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महत्वपूर्ण तारीखें
अलग-अलग कैटेगरी के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीखें इस प्रकार हैं:
- सैलरीड और निवेशक (बिना ऑडिट वाले मामले): नौकरीपेशा लोगों और पेंशनभोगियों को ITR-1 या ITR-2 फॉर्म 31 जुलाई 2026 तक भरना होगा.
- फ्रीलांसर और छोटे कारोबारी (बिना ऑडिट वाले मामले): इनके लिए ITR-3 या ITR-4 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है.
- टैक्स ऑडिट वाले मामले: जिन बिजनेस या प्रोफेशनल्स को ऑडिट की जरूरत होती है, उन्हें 31 अक्टूबर 2026 तक रिटर्न फाइल करना होगा.
- बिलेटेड रिटर्न (लेट फाइलिंग): यदि आप ऊपर दी गई तारीखें चूक जाते हैं, तो जुर्माना देकर 31 दिसंबर 2026 तक हर हाल में रिटर्न भरना होगा.
समझदारी इसी में है कि आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना अपना टैक्स असेसमेंट पूरा करें और समय से ITR फाइल कर निश्चिंत हो जाएं.
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