ITR में FD का इंटरेस्ट बताना भूल गए? घबराएं नहीं, अब भी सुधार सकते हैं गलती

अगर आपने ITR दाखिल करते समय FD के इंटरेस्ट को शामिल करना भूल गए हैं, तो भी गलती सुधारने का मौका है. वित्त वर्ष 2024-25 के लिए Revised ITR की डेडलाइन समाप्त हो चुकी है, लेकिन टैक्सपेयर Updated ITR दाखिल कर सकते हैं.

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए Revised ITR की डेडलाइन समाप्त हो चुकी है. Image Credit: FreePik

ITR Filing: अगर आपने आयकर रिटर्न (ITR) भरते समय किसी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के इंटरेस्ट को शामिल करना भूल गए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. कई बार ऑटो रिन्यू होने वाली FD का इंटरेस्ट नजर से छूट जाता है और टैक्स रिटर्न में उसकी जानकारी दर्ज नहीं हो पाती. हालांकि, अगर आपने पहले ही ITR फाइल कर दी है और अब गलती का पता चला है, तो आपके पास इसे सुधारने का मौका अभी भी मौजूद है.

रिवाइज्ड ITR दाखिल करने की डेडलाइन खत्म

वित्त वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए रिवाइज्ड ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 थी. यदि इस तारीख तक आपने अपनी गलती नहीं सुधारी, तो अब सामान्य Revised Return दाखिल नहीं की जा सकती.

ऐसे में कई टैक्सपेयरओं को चिंता होने लगती है कि कहीं उन्हें आयकर विभाग का नोटिस न मिल जाए.

Updated ITR के जरिए कर सकते हैं सुधार

जानकारों के मुताबिक, इनकम टैक्स टैक्सपेयर को Updated ITR दाखिल करने की सुविधा देता है. यह सुविधा उन लोगों के लिए है जिन्होंने कोई इनकम छिपा दी हो, भूलवश इनकम दर्ज नहीं की हो या रिटर्न में किसी प्रकार की गलती रह गई हो.

1 अप्रैल 2026 से आकलन वर्ष 2025-26 के लिए Updated ITR दाखिल करने की नई विंडो खुल चुकी है. इसके जरिए आप छूटी हुई FD इंटरेस्ट आय जोड़कर सही टैक्स जमा कर सकते हैं.

अतिरिक्त टैक्स भी देना होगा

हालांकि Updated ITR दाखिल करने की सर्विस फ्री नहीं है. आपको बकाया टैक्स और उस पर लगने वाला इंटरेस्ट तो देना ही होगा, साथ ही अतिरिक्त टैक्स भी चुकाना पड़ेगा.

यदि आप जल्दी Updated ITR दाखिल करते हैं तो अतिरिक्त टैक्स 25 फीसदी तक हो सकता है. देरी बढ़ने पर यह अतिरिक्त बोझ और बढ़ जाता है. कुछ मामलों में यह 70 फीसदी तक पहुंच सकता है.

AIS चेक करना क्यों है जरूरी

जानकारों का कहना है कि ITR फाइल करने से पहले Annual Information Statement (AIS) जरूर देखना चाहिए. AIS में बैंक, म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार और अन्य वित्तीय लेनदेन की जानकारी उपलब्ध होती है.

यदि आपने ITR भरने से पहले AIS की जांच की होती, तो बैंक द्वारा रिपोर्ट किया गया FD इंटरेस्ट आपकी नजर में आ जाता और यह गलती होने से बच सकती थी.

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क्या करें टैक्सपेयर?

टैक्सपेयर सबसे पहले AIS और बैंक स्टेटमेंट की जांच करें. इसके बाद छूटी हुई इनकम की कैलकुलेशन कर Updated ITR दाखिल करें. समय पर सुधार करने से अतिरिक्त जुर्माना और संभावित नोटिस के जोखिम को कम किया जा सकता है.