EPF Transfer Rules: नौकरी बदलने के बाद PF ट्रांसफर करना कितना जरूरी, जानिए फायदे और पूरा प्रोसेस
कई कर्मचारी अपने करियर में दो, तीन या उससे भी ज्यादा कंपनियों में काम करते हैं. ऐसे में एक सवाल अक्सर सामने आता है कि क्या पुरानी कंपनी के EPF यानी कर्मचारी भविष्य निधि खाते का पैसा नई कंपनी में ट्रांसफर करना जरूरी है. हालांकि नियमों के अनुसार EPF ट्रांसफर करना अनिवार्य नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों को ऐसा जरूर करना चाहिए.
EPF Transfer: आज के समय में लोग बेहतर अवसर और ज्यादा वेतन के लिए नौकरी बदलते रहते हैं. कई कर्मचारी अपने करियर में दो, तीन या उससे भी ज्यादा कंपनियों में काम करते हैं. ऐसे में एक सवाल अक्सर सामने आता है कि क्या पुरानी कंपनी के EPF यानी कर्मचारी भविष्य निधि खाते का पैसा नई कंपनी में ट्रांसफर करना जरूरी है. कई लोगों को लगता है कि अलग-अलग कंपनियों के PF खाते वैसे ही चलते रहेंगे, इसलिए ट्रांसफर की जरूरत नहीं है.
हालांकि नियमों के अनुसार EPF ट्रांसफर करना अनिवार्य नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों को ऐसा जरूर करना चाहिए. इससे न केवल रिटायरमेंट की बचत एक जगह रहती है, बल्कि भविष्य में पैसा निकालने और टैक्स से जुड़े काम भी आसान हो जाते हैं. EPFO ने UAN यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर की सुविधा शुरू की है, जिससे अलग-अलग कंपनियों के PF खाते एक ही नंबर से जुड़े रहते हैं.
क्या है UAN की भूमिका?
- EPFO ने साल 2014 में UAN की शुरुआत की थी.
- यह एक ऐसा नंबर है जो कर्मचारी के सभी PF खातों को एक साथ जोड़ता है.
- नौकरी बदलने पर नया PF खाता बन सकता है, लेकिन वह उसी UAN से जुड़ा रहता है.
EPF ट्रांसफर करना क्यों फायदेमंद है?
EPF ट्रांसफर करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कर्मचारी की पूरी नौकरी की अवधि एक जगह दर्ज रहती है. इससे भविष्य में टैक्स बचाने में मदद मिल सकती है. EPFO पांच साल की लगातार नौकरी पूरी होने के बाद PF निकासी को टैक्स फ्री मानता है. अगर रिकॉर्ड अलग-अलग खातों में बंटा रहता है, तो टैक्स से जुड़ी परेशानी आ सकती है.
पैसा निकालना भी हो जाता है आसान
जब सभी EPF राशि एक ही खाते में जुड़ जाती है तो भविष्य में पैसा निकालना और अंतिम सेटलमेंट करना आसान हो जाता है. कर्मचारियों को अलग-अलग खातों की जानकारी जुटाने की जरूरत नहीं पड़ती.
अब ट्रांसफर की प्रक्रिया हुई आसान
EPFO ने EPF ट्रांसफर की प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है. कई मामलों में सिस्टम खुद ही पुराने खाते का पैसा नए खाते में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर देता है.
इसके लिए कर्मचारी का आधार और बैंक खाता लिंक होना चाहिए. KYC पूरी तरह अपडेट होना जरूरी है. साथ ही पुरानी नौकरी छोड़ने की तारीख सिस्टम में दर्ज होनी चाहिए और दोनों कंपनियां EPFO में पंजीकृत होनी चाहिए.
ऑटो ट्रांसफर कैसे होता है?
जब नई कंपनी पहली बार कर्मचारी का PF जमा करती है, तब EPFO अपने आप पुराने खाते से नए खाते में राशि ट्रांसफर करने का अनुरोध तैयार कर सकता है.
ऑनलाइन कैसे करें EPF ट्रांसफर?
- कर्मचारी EPFO के Unified Portal पर UAN और पासवर्ड से लॉगिन कर सकते हैं.
- इसके बाद “One Member-One EPF Account” विकल्प चुनना होता है.
- फिर अपनी जानकारी और पुराने PF खाते की जानकारी जांचनी होती है.
- इसके बाद कर्मचारी पुराने या नए नियोक्ता में से किसी एक को रजिस्टर के लिए चुन सकता है.
- मोबाइल पर आए OTP और आधार सत्यापन के बाद ट्रांसफर अनुरोध जमा हो जाता है.
कर्मचारियों के लिए क्या है सलाह?
हालांकि नौकरी बदलने पर EPF ट्रांसफर करना जरूरी नहीं है, लेकिन ऐसा करने से रिटायरमेंट की बचत एक जगह रहती है. साथ ही टैक्स, निकासी और भविष्य के दावों से जुड़ी प्रक्रिया भी काफी आसान हो जाती है. इसलिए नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए EPF ट्रांसफर करना एक समझदारी भरा कदम माना जाता है.
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