FD जैसी रेगुलर कमाई, 4.7% डिविडेंड यील्ड और मजबूत कैश रिजर्व; रडार पर आया ये स्टॉक, रखें नजर
Castrol India डिविडेंड निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बनकर उभरा है. कंपनी ने FY25 में 5,721.5 करोड़ रुपये का राजस्व और लगभग 950 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया. 67% ROCE, 50% ROE और 996 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड फ्री कैश फ्लो के दम पर कंपनी ने 8.75 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड दिया.
Castrol India: शेयर बाजार में ऐसे निवेशकों की संख्या लगातार बढ़ रही है जो शेयर कीमतों में तेजी के साथ-साथ नियमित डिविडेंड इनकम भी चाहते हैं. ऐसे निवेशकों के लिए Castrol India एक आकर्षक विकल्प बनकर उभरा है. कंपनी ने FY25 में 8.75 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया, जबकि FY24 में कुल 13 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूट किया था. मजबूत कैश फ्लो, कर्ज मुक्त बैलेंस शीट और लगभग 90% डिविडेंड पेआउट रेशियो Castrol को डिविडेंड निवेशकों की वॉचलिस्ट में बनाए हुए हैं.
4.7% डिविडेंड यील्ड के साथ निवेशकों की पसंद
मौजूदा शेयर कीमत के आधार पर Castrol India की डिविडेंड यील्ड करीब 4.7% है. यह कई बड़े लार्जकैप शेयरों और कुछ फिक्स्ड इनकम विकल्पों के मुकाबले आकर्षक मानी जाती है.
कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार डिविडेंड बढ़ाया है. FY21 में 5.5 रुपये प्रति शेयर, FY22 में 6.5 रुपये, FY23 में 7.5 रुपये, FY24 में 8.5 रुपये (रेगुलर डिविडेंड) और FY25 में 8.75 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड दिया गया.
FY25 में 5,721 करोड़ रुपये का रिवेन्यू
Castrol India का कारोबार लगातार स्थिर गति से बढ़ रहा है. दिसंबर 2025 को समाप्त FY25 में कंपनी का राजस्व 7% बढ़कर 5,721.5 करोड़ रुपये पहुंच गया. इस दौरान कुल बिक्री वॉल्यूम में 8% की ग्रोथ दर्ज की गई.
कंपनी का EBITDA 5% बढ़कर 1,347.5 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 23.6% पर कायम रहा. वहीं नेट प्रॉफिट 2.5% बढ़कर लगभग 950 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
67% ROCE और 50% ROE
Castrol India की सबसे बड़ी ताकत उसकी कैपिटल एफिशिएंसी है. FY25 में कंपनी का Return on Capital Employed (ROCE) लगभग 67% और Return on Equity (ROE) करीब 50% रहा.
इतना ऊंचा ROCE और ROE बताता है कि कंपनी अपनी कैपिटल का बेहद प्रभावी तरीके से यूज कर रही है. यही वजह है कि कंपनी को भारी कर्ज लेने या अतिरिक्त कैपिटल जुटाने की जरूरत नहीं पड़ती.
1,090 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग कैश फ्लो
डिविडेंड देने की क्षमता का सबसे महत्वपूर्ण आधार कैश फ्लो होता है. FY25 में Castrol India ने 1,090.1 करोड़ रुपये का नेट ऑपरेटिंग कैश फ्लो उत्पन्न किया.
कंपनी का बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट है, इसलिए इसे भारी कैपिटल निवेश की जरूरत नहीं होती. FY25 में कंपनी ने केवल 94 करोड़ रुपये का कैपेक्स किया.
इस वजह से कंपनी का फ्री कैश फ्लो रिकॉर्ड 996 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. यही मजबूत फ्री कैश फ्लो डिविडेंड पेमेंट को सपोर्ट करता है.
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1,405 करोड़ रुपये का रिजर्व
31 दिसंबर 2025 तक Castrol India के पास 1,140 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और बैंक बैलेंस मौजूद था. इसके अलावा कंपनी के पास 1,405.7 करोड़ रुपये का रिजर्व भी था.
यह मजबूत नकदी स्थिति कंपनी को बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान भी डिविडेंड जारी रखने की क्षमता देती है. FY25 में कंपनी ने 1,285.9 करोड़ रुपये डिविडेंड के रूप में डिस्ट्रीब्यूट किए, जो उसके ऑपरेटिंग कैश फ्लो से भी अधिक था.
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