FD से ज्यादा ब्याज कमाने का आखिरी मौका! RBI के कर्ज सस्ता करने से होगा नुकसान
RBI Repo Rate FD: केंद्रीय बैंक ने अपनी मॉनिटरी पॉलिसी के स्टांस को न्यूट्रल से बदलकर अकोमोडेटिव कर दिया है, जिससे यह संभवना बन रही है कि आने वाले महीनों में रिजर्व बैंक रेपो रेट में और कटौती कर सकता है. इस साल अब तक दो बार रेपो रेट में कटौती हो चुकी है.
RBI Repo Rate FD: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बुधवार को को रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की. इसके बाद से ब्याज दर अब 6 फीसदी पर आ गई है. रेपो रेट में कटौती के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि बैंक अब फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में कटौती की शुरुआत करेंगे. केंद्रीय बैंक ने अपनी मॉनिटरी पॉलिसी के स्टांस को न्यूट्रल से बदलकर अकोमोडेटिव कर दिया है, जिससे यह संभवाना बन रही है कि आने वाले महीनों में रिजर्व बैंक रेपो रेट में और कटौती कर सकता है. चूंकि फिक्स्ड डिपॉजिट दरें रेपो रेट के रुझान से बहुत करीब से जुड़ी हुई हैं. इसलिए रेपो रेट में कटौती डिपॉजिट पर मिलने वाली रिटर्न में गिरावट का संकेत देता है. खासतौर पर शॉर्ट टर्म और मिड टर्म डिपॉजिट की ब्याज दर पर असर पड़ सकता है.
ब्याज दर में कटौती की शुरुआत
इस साल अब तक दो बार रेपो रेट में कटौती हो चुकी है और आने वाली तिमाहियों में और कटौती की संभावना है. इसलिए बैंकों धीरे-धीरे फिक्स्ड डिपॉजिट की दरों में कटौती करने की तरफ बढ़ सकते हैं. कुछ बैंकों ने पहले ही फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में कटौती शुरू कर दी है.
कोटक महिंद्रा बैंक ने घटा दी FD पर दर
बुधवार को रेपो रेट में कटौती के बाद कोटक महिंद्रा बैंक ने अपनी FD की ब्याज दरों में बदलाव किया है. इसमें चुनिंदा अवधि की एफडी पर 15 बेसिस प्वाइंट (BPS) तक की कटौती की गई है. यह 14 जून 2024 के बाद से बैंक FD की दर में पहली कटौती है. नई दरें 9 अप्रैल 2025 से प्रभावी हैं.
हाल ही में यस बैंक ने अपनी FD ब्याज दरों में कटौती की है. इसके बाद प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर के एक प्रमुख खिलाड़ी इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) ने 3 करोड़ रुपये से कम जमा के लिए अपनी सावधि जमा (FD) ब्याज दरों में बदलवा किया है. नई दरें 7 अप्रैल, 2025 से लागू होंगी.
अधिक रिटर्न कमाने का आखिरी मौका
इसलिए फिक्स्ड डिपॉजिट पर अधिक रिटर्न कमाने का समय अब खत्म होने जा रहा है. अगर आप निवेश करना चाहते हैं, तो अभी आपके पास मौका है. क्योंकि आने वाले दिनों में बैंक तेजी एफडी की ब्याज दर में कटौती कर सकते हैं. इसलिए नई एफडी पर निवशकों को कम ब्याज मिलेगा, जो सीधे उनकी आमदनी प्रभावित होगी.
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