VRS के पैसों पर नहीं लगेगा इनकम टैक्स? नए ड्राफ्ट नियमों में प्रस्ताव, जानिए किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

नौकरी छोड़ने या स्वैच्छिक रिटायरमेंट लेने वालों के लिए इनकम टैक्स से जुड़ी एक अहम तैयारी सामने आई है. नए प्रस्तावित नियमों से कई कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है. किन लोगों को इसका फायदा मिलेगा और किन शर्तों पर यह लागू होगा, इसे लेकर कर्मचारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है.

क्या आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग पूरी है? Image Credit: triloks/E+/Getty Images

Voluntary retirement tax exemption: स्वैच्छिक रिटायरमेंट या स्वैच्छिक सेपरेशन लेने वाले कर्मचारियों के लिए टैक्स से जुड़ी राहत को लेकर सरकार ने ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 में अहम प्रस्ताव रखा है. इन नए नियमों के तहत कुछ शर्तों को पूरा करने पर कर्मचारियों को वॉलैंटरी रिटायरमेंट के समय मिलने वाली राशि पर टैक्स डिडक्शन का फायदा मिल सकेगा. यह प्रस्ताव खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो तय उम्र या सेवा अवधि पूरी होने के बाद स्वेच्छा से रिटायरमेंट का विकल्प चुनते हैं.

किन कर्मचारियों को मिलेगा टैक्स डिडक्शन

ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक, स्वैच्छिक रिटायरमेंट या स्वैच्छिक सेपरेशन पर मिलने वाली रकम पर इनकम टैक्स छूट कुछ खास कैटेगरी के कर्मचारियों को मिलेगी. इसमें पब्लिक सेक्टर कंपनियों के कर्मचारी, निजी कंपनियों के कर्मचारी, केंद्र या राज्य कानून के तहत बनी संस्थाओं के कर्मचारी, स्थानीय निकाय, को-ऑपरेटिव सोसायटी, केंद्रीय या राज्य कानून से बनी यूनिवर्सिटी, आईआईटी, सरकार द्वारा अधिसूचित संस्थान और कुछ मैनेजमेंट संस्थान शामिल हैं. यानी सरकारी से लेकर कई निजी और शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारी इस दायरे में आएंगे.

VRS की जरूरी शर्तें

टैक्स डिडक्शन तभी मिलेगा, जब वॉलैंटरी रिटायरमेंट स्कीम (VRS) अधिकृत नियोक्ता द्वारा तय नियमों के अनुसार बनाई गई हो. ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक, स्कीम उन कर्मचारियों पर लागू होगी, जिन्होंने कम से कम 10 साल की सेवा पूरी कर ली हो या जिनकी उम्र 40 साल हो चुकी हो. यह स्कीम कंपनी या संस्था के सभी कर्मचारियों पर लागू होगी, चाहे वे वर्कर हों या एग्जीक्यूटिव, लेकिन कंपनी के डायरेक्टर इसमें शामिल नहीं होंगे.

इसके अलावा, ड्राफ्ट में कहा गया है कि स्कीम का मकसद कर्मचारियों की कुल संख्या में कमी लाना होना चाहिए. स्वैच्छिक रिटायरमेंट से खाली हुई जगह पर किसी नए कर्मचारी की भर्ती नहीं की जाएगी. साथ ही, रिटायर होने वाला कर्मचारी उसी मैनेजमेंट की किसी दूसरी कंपनी या संस्था में नौकरी नहीं करेगा.

कितनी राशि तक मिलेगी इनकम टैक्स छूट

ड्राफ्ट नियमों में यह भी साफ किया गया है कि स्वैच्छिक रिटायरमेंट पर मिलने वाली राशि की एक अधिकतम सीमा होगी. यह राशि दो विकल्पों में से जो कम हो, उसी तक सीमित रहेगी.

पहला फॉर्मूला है, पूरे किए गए सेवा वर्षों की संख्या को तीन से गुणा करके और फिर सैलरी से गुणा करना. दूसरा फॉर्मूला है, रिटायरमेंट की तय तारीख तक बचे महीनों की संख्या को सैलरी से गुणा करना. इन दोनों में से जो राशि कम होगी, वही इनकम टैक्स छूट के दायरे में आएगी.

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पब्लिक सेक्टर कर्मचारियों को अलग राहत

अगर पब्लिक सेक्टर कंपनी का कर्मचारी स्वैच्छिक सेपरेशन स्कीम के तहत राशि प्राप्त करता है, तो ऊपर बताई गई अधिकतम सीमा की शर्त उस पर लागू नहीं होगी. सैलरी की गणना में महंगाई भत्ता शामिल किया जा सकता है, अगर नौकरी की शर्तों में इसका प्रावधान हो, लेकिन अन्य सभी भत्ते और सुविधाएं सैलरी में गिनी जाएंगी.