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अब टर्म इंश्योरेंस में पे लेटर सुविधा, आर्थिक संकट में भी पॉलिसी बनी रहेगी चालू; जानें कैसे मिलेगा फायदा

पे लेटर एक नई सुविधा है जो टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी होल्डर्स को एक साल तक प्रीमियम टालने की छूट देती है. आर्थिक संकट के समय यह सुविधा पॉलिसी को चालू रखती है. इससे न तो सुरक्षा में रुकावट आती है और न ही ब्याज देना पड़ता है. हालांकि, बाद में बकाया प्रीमियम चुकाना जरूरी होता है.

इंश्योरेंस Image Credit: Freepik

अशोक मनवानी | टर्म इंश्योरेंस जीवन बीमा का सबसे किफायती और सीधा तरीका है, जो किसी की आकस्मिक मृत्यु के बाद उसके परिवार को आर्थिक सुरक्षा देता है. अब इसे और बेहतर बनाने के लिए बीमा कंपनियों ने एक नई सुविधा जोड़ी है, जिसका नाम है पे लेटर.
इस सुविधा के तहत, पॉलिसी होल्डर 12 महीने तक अपने प्रीमियम पेमेंट को रोक सकता है, लेकिन फिर भी उसकी पॉलिसी जारी रहती है और उसे सुरक्षा मिलती रहती है. यह उन लोगों के लिए खासतौर पर मददगार है जिनकी आमदनी में अस्थायी रुकावट आ जाती है.

कैसे काम करता है यह फीचर?

हालांकि यह सुविधा आमतौर पर तभी मिलती है जब आपने कम से कम तीन या पांच साल तक नियमित प्रीमियम भरा हो और पॉलिसी एक्टिव हो. पे लेटर का लाभ दो बार लिया जा सकता है, लेकिन हर बार के बीच में कम से कम पांच साल का अंतर होना चाहिए. इस दौरान पॉलिसी चालू रहती है और बीमा सुरक्षा बनी रहती है.

क्या इसके फायदे हैं?

  • आर्थिक संकट में भी पॉलिसी चालू रहती है.
  • कोई ब्याज या अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता.
  • हालात सुधरते ही आप फिर से भुगतान शुरू कर सकते हैं.
  • सुविधा का बार-बार लाभ उठाया जा सकता है (शर्तों के साथ).
  • पॉलिसी होल्डर को मानसिक राहत मिलती है कि परिवार की सुरक्षा बनी रहेगी.


इस सुविधा से पॉलिसी होल्डर पर क्या असर पड़ता है?

पे लेटर की सुविधा टर्म इंश्योरेंस को और मजबूत बनाती है, क्योंकि ये देती है,

  • लाइफ में कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता. ऐसे में ये सुविधा इस बात को मानती है कि किसी का इंश्योरेंस सिर्फ इसलिए बंद नहीं होना चाहिए क्योंकि हालात थोड़े बिगड़ गए.
  • कठिन समय में भी इंश्योरेंस चालू रहने से पॉलिसी बंद होने के मामले कम होते हैं यानी आपके लंबे समय के फाइनेंशियल प्लान पर संकट असर नहीं डालता है.

क्या है कमियां ?

  • हालांकि इस सुविधा की कुछ कमियां भी है, इसके तहत जब आप एक साल तक प्रीमियम नहीं भरते, तो बाद में उसी साल का बकाया और नए साल का प्रीमियम दोनों भरने पड़ते हैं. यानी थोड़ी ज्यादा रकम एक साथ देनी पड़ सकती है.
  • पे लेटर की सुविधा हर इंश्योरेंस प्लान में नहीं दी जाती साथ ही यह इंश्योरेंस कंपनी और पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करती है.
  • यह सुविधा सिर्फ अस्थायी राहत के लिए है. यानी अगर आपकी आमदनी लगातार डगमगा रही है, तो यह इसका स्थायी हल नहीं है.

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(लेखक गो डिजिट लाइफ के वाइस प्रेसिडेंट – प्रोडक्‍ट्स हैं. प्रकाशित विचार उनके निजी हैं)