PF Interest Rate Cut: क‍ितना कम होगा PF पर ब्‍याज, जान‍िए पूरी ड‍िटेल

सरकार और ईपीएफओ के स्तर पर पीएफ ब्याज दर को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. सवाल उठ रहा है कि क्या Provident Fund Interest Rate में कटौती हो सकती है और अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा असर कर्मचारियों की बचत पर पड़ेगा. ईपीएफओ हर साल बाजार की स्थिति, निवेश से मिलने वाले रिटर्न और आर्थिक हालात को देखते हुए पीएफ की ब्याज दर तय करता है.

अगर पीएफ ब्याज दर कम होती है तो इसका मतलब होगा कि कर्मचारियों को अपनी जमा रकम पर पहले के मुकाबले कम रिटर्न मिलेगा. इससे पेंशन फंड और रिटायरमेंट प्लानिंग पर भी असर पड़ सकता है. जो लोग पीएफ को अपनी लंबी अवधि की सुरक्षित बचत मानकर चल रहे हैं, उन्हें अपने भविष्य के लक्ष्य दोबारा आंकने पड़ सकते हैं.

हालांकि ईपीएफओ का मकसद हमेशा बैलेंस बनाए रखना होता है, ताकि फंड सुरक्षित भी रहे और सदस्यों को स्थिर रिटर्न भी मिलता रहे. ऐसे में पीएफ ब्याज दर को लेकर लिया गया कोई भी फैसला लाखों कर्मचारियों की रिटायरमेंट रणनीति के लिए बेहद अहम माना जाता है.

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