धड़ाधड़ बंद क्यों रही बीमा पॉलिसियां, RBI ने किया बड़ा खुलासा!

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी नवीनतम वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफएसआर) में जीवन बीमा पॉलिसियों के समयपूर्व सरेंडर की बढ़ती दर पर गहरी चिंता व्यक्त की है. रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि विशेष रूप से प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों में, मैच्योरिटी भुगतान की तुलना में सरेंडर और निकासी के माध्यम से किए गए भुगतान कहीं अधिक हो गए हैं. यह ग्राहकों के असंतोष, संभावित मिस-सेलिंग और आक्रामक बिक्री प्रथाओं का संकेत है.

आरबीआई ने यह भी रेखांकित किया है कि पिछले चार वर्षों में प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों का कमीशन अनुपात लगभग दोगुना हो गया है. इससे उच्च वितरण लागत और मिस-सेलिंग का जोखिम बढ़ने की आशंका पैदा हुई है. मिस-सेलिंग तब होती है जब ग्राहकों को उनकी जरूरतों के विपरीत या गलत जानकारी देकर कोई प्रोडक्ट बेचा जाता है, अक्सर उच्च रिटर्न या बचत योजना के रूप में बीमा पॉलिसियों को पेश किया जाता है. आरबीआई की यह रिपोर्ट बीमा ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण सबक प्रस्तुत करती है कि वे अपनी बीमा पॉलिसियों को खरीदने से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें और सोच-समझकर निर्णय लें.

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