FD पर मिल रहा 8.5% तक ब्याज, दिवाली से पहले कमाई का मौका! देखें बैंकों की लिस्ट

दिवाली से पहले सीनियर सिटीजन के पास FD पर अच्छी कमाई का मौका है. सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 5 साल की एफडी पर 8.5% ब्याज दे रहा है, जबकि जना स्मॉल फाइनेंस बैंक में 8% ब्याज मिल रहा है. जानिए दूसरे बैंकों की ब्याज दरें, FD पर TDS कब कटता है.

फिक्स्ड डिपॉजिट Image Credit: एयरटेल

Highlights

  • सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 5 साल की एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को 8.5% ब्याज दे रहा है, जबकि जना स्मॉल फाइनेंस बैंक 8% ब्याज दे रहा है.
  • एक बैंक में एफडी से ब्याज आय 1 लाख रुपये से ज्यादा होने पर TDS काटा जा सकता है.
  • 75 साल या उससे ज्यादा उम्र के कुछ वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन और ब्याज आय से जुड़ी निर्धारित शर्तें पूरी करने पर ITR दाखिल करने से छूट मिल सकती है.

अगर आप सीनियर सिटीजन हैं और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ छोटे वित्त बैंकों की ब्याज दरें आपके लिए आकर्षक हो सकती हैं. कुछ बैंक 5 साल की एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को 8.5 फीसदी तक ब्याज दे रहे हैं. ये दरें 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए हैं.

सीनियर सिटीजन को FD पर कहां मिल रहा 8.5% ब्याज?

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank) वरिष्ठ नागरिकों को 5 साल की अवधि वाली एफडी पर 8.5% ब्याज दे रहा है. वहीं, जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank) में वरिष्ठ नागरिकों को 5 साल की एफडी पर 8% ब्याज मिल रहा है. इसके अलावा, कई दूसरे स्मॉल फाइनेंस बैंक भी वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर अलग-अलग दरों से ब्याज दे रहे हैं. निवेश से पहले बैंक की मौजूदा दरों, जमा की शर्तों और समय से पहले पैसा निकालने के नियमों की जांच जरूर करनी चाहिए.

सीनियर सिटीजन के लिए बैंकों की FD ब्याज दरें

5 साल की अवधि वाली एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को इन बैंकों में निम्न ब्याज दरें मिल रही हैं.

बैंक का नामब्याज दर
AU स्मॉल फाइनेंस बैंक7.25%
इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक7.50%
ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक6.25%
जना स्मॉल फाइनेंस बैंक8.00%
शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक6.50%
स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक7.25%
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक8.50%
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक7.70%
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक7.50%

FD के ब्याज पर कब कटता है TDS?

बैंक एफडी से मिलने वाले ब्याज पर तय सीमा से ज्यादा आय होने पर सोर्स पर कर कटौती यानी TDS काट सकते हैं. अगर किसी एक बैंक में एफडी से मिलने वाला ब्याज 1 लाख रुपये से ज्यादा है, तो बैंक को TDS काटना होता है.

हालांकि, TDS का मतलब यह नहीं है कि यह अतिरिक्त टैक्स है. टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय इसे कुल टैक्स देनदारी के हिसाब से समायोजित किया जा सकता है. अगर आपकी वास्तविक टैक्स देनदारी कटे हुए TDS से कम है, तो नियमों के अनुसार रिफंड भी मिल सकता है. कुछ मामलों में रिफंड पर ब्याज मिलने की पात्रता भी हो सकती है.

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