घर में रखा कैश और सोना बन सकते हैं मुसीबत! ITR में नहीं बताया तो सरकार ले सकती है 86% तक टैक्स; जानें क्या है नियम

यदि आपने कैश, सोना या निवेश को ITR में घोषित नहीं किया है, तो इनकम टैक्स विभाग भारी कार्रवाई कर सकता है. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 115BBE के तहत अघोषित आय पर 78 फीसदी तक टैक्स और कुछ मामलों में करीब 86 फीसदी तक पेनल्टी लग सकती है. टैक्स नियमों से जुड़ी जानकारी हर निवेशक और टैक्सपेयर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

अघोषित आय पर टैक्स Image Credit: AI/CANVA

ITR Rules 2026: अगर आपके पास ऐसा कैश, सोना या निवेश है, जिसे आपने इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR में घोषित नहीं किया है, तो आने वाले समय में यह आपके लिए बड़ी परेशानी बन सकता है. इनकम टैक्स कानून के तहत अघोषित इनकम, नकदी, गोल्ड या निवेश पर सरकार भारी पेनल टैक्स वसूल सकती है. कई मामलों में यह टैक्स कुल रकम का 78 फीसदी तक पहुंच सकता है, जबकि आय का स्रोत साबित न कर पाने पर कुल टैक्स और पेनल्टी करीब 86 फीसदी तक पहुंच सकती है. हाल के वर्षों में इनकम टैक्स विभाग अघोषित संपत्तियों, नकद लेनदेन और बेनामी निवेशों पर लगातार सख्ती बढ़ा रहा है. ऐसे में टैक्स नियमों को समझना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है.

कौन से मामलों में लगता है भारी टैक्स

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 115BBE के तहत ऐसे मामलों पर विशेष टैक्स लगाया जाता है, जहां किसी व्यक्ति की आय, नकदी, निवेश, ज्वेलरी या खर्च का स्पष्ट और वैध स्रोत नहीं बताया जा सके. इसमें धारा 68, 69, 69A, 69B, 69C और 69D के तहत आने वाले मामले शामिल होते हैं. इनमें अघोषित नकदी, अघोषित निवेश, सोना-ज्वेलरी, बिना हिसाब खर्च और हुंडी लेनदेन जैसी चीजें शामिल हैं.

यदि कोई व्यक्ति अपनी अघोषित आय का स्रोत साबित कर देता है, तब भी उसे 60 फीसदी बेस टैक्स देना पड़ सकता है. इसके ऊपर 25 फीसदी सरचार्ज और 4 फीसदी सेस लगाया जाता है. इस तरह कुल टैक्स करीब 78 फीसदी तक पहुंच जाता है. उदाहरण के तौर पर यदि किसी व्यक्ति के पास 1 करोड़ रुपये की अघोषित आय पाई जाती है, तो उसे लगभग 78 लाख रुपये टैक्स के रूप में चुकाने पड़ सकते हैं.

स्रोत नहीं बताया तो 86 फीसदी तक टैक्स

यदि व्यक्ति आय या संपत्ति का वैध स्रोत साबित नहीं कर पाता, तो उस पर अतिरिक्त पेनल्टी भी लग सकती है. ऐसी स्थिति में कुल टैक्स और जुर्माना मिलाकर करीब 85.8 फीसदी तक राशि वसूली जा सकती है. यानी 1 करोड़ रुपये की अघोषित आय पर लगभग 85.8 लाख रुपये तक टैक्स और पेनल्टी देनी पड़ सकती है.

घर में कितना कैश रखना वैध

कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि घर में कितना कैश रखना कानूनी रूप से सही है. नियमों के अनुसार घर में नकदी रखने की कोई तय सीमा नहीं है. हालांकि आपके पास मौजूद नकदी का वैध स्रोत होना जरूरी है. यदि इनकम टैक्स विभाग पूछताछ करता है, तो आपको यह बताना होगा कि पैसा कहां से आया. यदि नकदी ITR में घोषित नहीं है और उसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता, तो विभाग उसे अघोषित आय मान सकता है.

कितना सोना रख सकते हैं

सोने को लेकर भी नियम तय हैं. विवाहित महिलाएं 500 ग्राम तक सोना रखने की छूट रखती हैं. अविवाहित महिलाएं 250 ग्राम तक गोल्ड रख सकती हैं, जबकि पुरुषों के लिए 100 ग्राम तक की सीमा तय की गई है. यदि सोने की मात्रा इन सीमाओं के भीतर है, तो आमतौर पर टैक्स विभाग उसे जब्त नहीं करता, भले ही खरीद का दस्तावेज मौजूद न हो. हालांकि इससे ज्यादा सोना रखने पर आपको वैध आय स्रोत और खरीद के प्रमाण दिखाने पड़ सकते हैं.

अपडेटेड ITR से मिल सकती है राहत

सरकार ने बजट 2026 में अपडेटेड ITR से जुड़े नियमों में कुछ राहत दी है. अब टैक्सपेयर्स रीअसेसमेंट नोटिस मिलने के बाद भी अपडेटेड ITR दाखिल कर सकते हैं. यदि कोई व्यक्ति अपनी अघोषित आय को अपडेटेड ITR में दिखाकर उसका वैध स्रोत बता देता है, तो कुछ मामलों में भारी पेनल टैक्स से राहत मिल सकती है. हालांकि इन मामलों में किसी भी तरह की टैक्स डिडक्शन का फायदा नहीं मिलता.

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