हर महीने सिर्फ 1000 रुपये जमा कर बना सकते हैं 54 लाख रुपये का फंड, जानें PPF का पूरा गणित
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF लंबी अवधि के सुरक्षित और टैक्स फ्री निवेश विकल्पों में सबसे लोकप्रिय प्लान मानी जाती है. यदि कोई व्यक्ति हर महीने सिर्फ 1000 रुपये PPF खाते में जमा करता है, तो कंपाउंडिंग के दम पर वह 54 लाख रुपये से ज्यादा का फंड तैयार कर सकता है. PPF पर फिलहाल 7.1 फीसदी ब्याज दर मिल रही है. इस योजना में टैक्स बचत, सुरक्षित रिटर्न और रिटायरमेंट फंड तैयार करने का फायदा मिलता है.
PPF Investment Plan: भारत में लंबे समय की सुरक्षित निवेश योजनाओं की बात होती है तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF सबसे भरोसेमंद विकल्पों में गिना जाता है. सरकार समर्थित यह योजना न केवल सुरक्षित रिटर्न देती है, बल्कि टैक्स बचत और रिटायरमेंट फंड बनाने में भी काफी मददगार मानी जाती है. मौजूदा समय में PPF पर 7.1 फीसदी की ब्याज दर मिल रही है और लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा निवेशकों को बड़ा फंड बनाने में मदद करता है. यदि कोई व्यक्ति हर महीने सिर्फ 1000 रुपये PPF खाते में जमा करता है, तो वह रिटायरमेंट तक 54 लाख रुपये से ज्यादा का फंड तैयार कर सकता है.
कम निवेश में बड़ा रिटर्न
PPF की सबसे बड़ी खासियत इसकी लंबी अवधि और कंपाउंडिंग का फायदा है. उदाहरण के तौर पर यदि कोई व्यक्ति 10 साल की उम्र से हर महीने 1000 रुपये निवेश करना शुरू करता है और 50 वर्षों तक निवेश जारी रखता है, तो कुल निवेश केवल 6 लाख रुपये होगा. हालांकि 7.1 फीसदी ब्याज दर के आधार पर इस निवेश पर करीब 48.06 लाख रुपये का ब्याज मिल सकता है. इस तरह मैच्योरिटी पर कुल राशि बढ़कर लगभग 54.06 लाख रुपये तक पहुंच सकती है.
वहीं यदि कोई व्यक्ति 20 साल की उम्र से निवेश शुरू करता है और 40 वर्षों तक हर महीने 1000 रुपये जमा करता है, तो कुल निवेश 4.80 लाख रुपये होगा. इस पर मिलने वाला ब्याज करीब 21.52 लाख रुपये हो सकता है और मैच्योरिटी राशि लगभग 26.32 लाख रुपये तक पहुंच सकती है.
टैक्स बचत का भी बड़ा फायदा
PPF को EEE यानी Exempt-Exempt-Exempt कैटेगरी की योजना माना जाता है. इसका मतलब निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी राशि तीनों टैक्स फ्री होती हैं. पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत धारा 80C में 1.5 लाख रुपये तक के वार्षिक निवेश पर टैक्स छूट भी मिलती है. हालांकि नई टैक्स व्यवस्था में फिलहाल यह टैक्स लाभ उपलब्ध नहीं है.
बच्चों के लिए भी खुल सकता है खाता
PPF खाते की एक और बड़ी खासियत यह है कि माता-पिता अपने बच्चों के नाम पर भी खाता खुलवा सकते हैं. नाबालिग के लिए खोला गया खाता 18 साल की उम्र के बाद नियमित खाते में बदल जाता है. बच्चों के लिए जल्दी निवेश शुरू करने पर कंपाउंडिंग का फायदा सबसे ज्यादा मिलता है. यही वजह है कि लंबी अवधि में छोटी रकम भी लाखों रुपये का फंड तैयार कर सकती है.
समय पर निवेश करना जरूरी
PPF में ब्याज की गणना हर महीने की 5 तारीख से महीने के अंतिम दिन के बीच न्यूनतम बैलेंस पर की जाती है. ऐसे में यदि निवेशक हर महीने 5 तारीख से पहले पैसा जमा करते हैं, तो उन्हें पूरे महीने का ब्याज मिलता है. यदि कोई निवेशक 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करता है, तो उसे एक महीने के ब्याज का नुकसान हो सकता है. लंबे समय में इसका असर कुल रिटर्न पर काफी बड़ा हो सकता है.
कितनी बार बढ़ा सकते हैं अवधि?
PPF खाते की मूल अवधि 15 साल होती है. इसके बाद निवेशक इसे 5-5 साल के ब्लॉक में कितनी भी बार बढ़ा सकते हैं. निवेशक चाहें तो मैच्योरिटी के बाद पूरा पैसा निकाल सकते हैं या फिर खाते को आगे बढ़ाकर निवेश जारी रख सकते हैं.
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