रिटायरमेंट के बाद हर 3 महीने में आएंगे ₹61500, सीनियर सिटीजन के लिए SCSS बना सुपरहिट विकल्प; जानें पूरा गणित
SCSS रिटायरमेंट के बाद नियमित और सुरक्षित आय चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे लोकप्रिय सरकारी योजनाओं में शामिल है. मौजूदा समय में इस योजना पर 8.2 फीसदी ब्याज दर मिल रही है. यदि कोई निवेशक SCSS में 30 लाख रुपये निवेश करता है, तो उसे हर तीन महीने में 61,500 रुपये और सालभर में 2.46 लाख रुपये तक की ब्याज आय मिल सकती है.
SCSS Scheme: रिटायरमेंट के बाद नियमित और सुरक्षित आय की तलाश हर वरिष्ठ नागरिक की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल होती है. ऐसे में Senior Citizens Savings Scheme यानी SCSS बुजुर्ग निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद सरकारी योजनाओं में गिनी जाती है. यह योजना न केवल सुरक्षित रिटर्न देती है, बल्कि नियमित ब्याज आय और सरकारी गारंटी का फायदा भी प्रदान करती है. मौजूदा समय में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए SCSS पर 8.2 फीसदी की ब्याज दर मिल रही है, जो स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में सबसे ज्यादा ब्याज देने वाली योजनाओं में शामिल है. यही वजह है कि रिटायरमेंट के बाद स्थिर आय चाहने वाले निवेशकों के बीच यह योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है.
कैसे मिलेगी 2.46 लाख रुपये सालाना आय
यदि कोई वरिष्ठ नागरिक SCSS में अधिकतम 30 लाख रुपये निवेश करता है, तो 8.2 फीसदी सालाना ब्याज दर के हिसाब से उसे हर तिमाही 61,500 रुपये का ब्याज मिलेगा. चूंकि इस योजना में ब्याज का भुगतान हर तीन महीने में किया जाता है, इसलिए पूरे साल में कुल चार बार ब्याज मिलेगा. इस तरह निवेशक को सालभर में कुल 2,46,000 रुपये की ब्याज आय प्राप्त हो सकती है.
SCSS कैलकुलेशन
- कुल निवेश: 30 लाख रुपये
- ब्याज दर: 8.2 फीसदी
- तिमाही ब्याज: 61,500 रुपये
- सालाना ब्याज आय: 2,46,000 रुपये
यह आय पांच वर्षों तक लगातार मिल सकती है. इसके बाद निवेशक चाहें तो खाते को तीन वर्षों के लिए आगे भी बढ़ा सकते हैं.
सरकार समर्थित सुरक्षित निवेश विकल्प
SCSS केंद्र सरकार द्वारा समर्थित योजना है, इसलिए इसे कम जोखिम वाले निवेश विकल्पों में शामिल किया जाता है. बाजार में उतार-चढ़ाव का इस योजना पर कोई सीधा असर नहीं पड़ता. योजना की मूल अवधि 5 वर्ष होती है, जिसे मैच्योरिटी के बाद 3 वर्षों के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है.
कौन खोल सकता है SCSS खाता
इस योजना में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग निवेश कर सकते हैं. कुछ विशेष परिस्थितियों में 55 से 60 वर्ष के बीच के रिटायर कर्मचारी भी पात्र हो सकते हैं. SCSS खाते में न्यूनतम 1000 रुपये जमा किए जा सकते हैं, जबकि अधिकतम निवेश सीमा 30 लाख रुपये तय की गई है. पति और पत्नी दोनों अलग-अलग खाते खोल सकते हैं और दोनों अपने-अपने खातों में 30-30 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं, यदि दोनों पात्रता शर्तें पूरी करते हों.
टैक्स में भी मिलता है फायदा
हालांकि SCSS से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है, लेकिन वरिष्ठ नागरिक आयकर अधिनियम की धारा 80TTB के तहत 50,000 रुपये तक की टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं. इसके अलावा निवेश राशि पर धारा 80C के तहत टैक्स लाभ भी उपलब्ध हो सकता है, यदि निवेशक पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनते हैं.
समय से पहले बंद कर सकते हैं खाता?
जरूरत पड़ने पर SCSS खाते को समय से पहले भी बंद किया जा सकता है, हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें और पेनाल्टी लागू हो सकती हैं. यदि खाता धारक की मृत्यु हो जाती है, तो खाते पर पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट के अनुसार ब्याज लागू होता है, जब तक कि खाता पूरी तरह बंद न हो जाए. बाजार में बढ़ती अनिश्चितता, शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव और सुरक्षित आय की जरूरत के बीच SCSS वरिष्ठ नागरिकों के लिए आकर्षक विकल्प बनकर उभरी है. नियमित तिमाही आय, सरकारी सुरक्षा और ऊंची ब्याज दर के कारण आने वाले समय में भी इस योजना की लोकप्रियता मजबूत बनी रह सकती है.
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