इस सरकारी स्कीम में बिटिया के लिए तैयार करें 47 लाख का फंड, मिलता है 8.2% सालाना ब्याज, टैक्स भी जीरो
आज के महंगे दौर में बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए सही योजना बनाना बेहद जरूरी है. सुकन्या समृद्धि योजना माता-पिता को सुरक्षित, टैक्स-फ्री और उच्च ब्याज वाला निवेश विकल्प देती है. समय पर छोटी बचत से बड़ा फंड तैयार कर बिटिया का भविष्य आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है.
Sukanya Samriddhi Yojana 2026: हर माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता होती है अपनी बिटिया की पढ़ाई और शादी का खर्चा. आज के महंगे दौर में ये खर्चे आसमान छू रहे हैं, लेकिन सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) ने माता-पिता के लिए एक सरल और फायदेमंद रास्ता खोल दिया है. यह योजना बेटी के नाम पर बचत करने का शानदार तरीका है, जिसमें अच्छा ब्याज मिलता है और टैक्स भी नहीं लगता. अगर आप समय पर निवेश शुरू करें, तो छोटी-छोटी रकम से भी लाखों का फंड तैयार हो सकता है.
क्या है सुकन्या समृद्धि योजना?
सुकन्या समृद्धि योजना ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ मुहिम का हिस्सा है. यह खाता सिर्फ लड़की के लिए खोला जाता है. बिटिया की उम्र 10 साल से कम होनी चाहिए. माता-पिता या कानूनी अभिभावक ही इसे खोल और चला सकते हैं. खाता पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंकों में आसानी से खुल जाता है. मैच्योरिटी 21 साल बाद होती है, यानी खाता खुलने की तारीख से 21 वर्ष.
कैसे और कितना निवेश कर सकते हैं?
इस योजना में हर साल कम से कम 250 रुपये और ज्यादा से ज्यादा 1.50 लाख रुपये जमा कर सकते हैं. पहले 15 साल तक हर वित्तीय साल में कम से कम एक बार पैसे डालने होते हैं. उसके बाद 21 साल तक कोई जमा नहीं करनी पड़ती, बस खाते पर ब्याज मिलता रहता है. अगर खाता कभी निष्क्रिय हो जाए, तो सिर्फ 50 रुपये का पेनल्टी देकर दोबारा एक्टिव कर सकते हैं.
ब्याज दर और टैक्स के फायदे
फिलहाल इस योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है, जो कंपाउंड होता है. यह ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री है. निवेश पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है. ब्याज दर सरकार समय-समय पर बदलती रहती है, लेकिन यह हमेशा आकर्षक रहती है.
कैसे बन सकता है 47 लाख तक का फंड?
मान लीजिए आप हर साल 1 लाख रुपये जमा करते हैं (कुल 15 साल में 15 लाख रुपये निवेश). 8.2% ब्याज दर पर 21 साल बाद मैच्योरिटी राशि लगभग 47-48 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. इसमें से करीब 32-33 लाख रुपये सिर्फ ब्याज से आएंगे. बिटिया की शादी या उच्च शिक्षा के लिए 18 साल की उम्र के बाद आधी रकम निकाल भी सकते हैं. इस योजना से न सिर्फ बेटी का भविष्य सुरक्षित होता है, बल्कि माता-पिता को मानसिक सुकून भी मिलता है. अगर आपकी बिटिया छोटी है, तो अभी शुरू कर दें. छोटी शुरुआत से बड़ा फर्क पड़ सकता है!