मेरठ नहीं… अब गाजियाबाद से भी प्रयागराज 6 घंटे में, जुलाई तक बनकर तैयार होगी 14KM लिंक रोड, जेवर एयरपोर्ट से सीधा कनेक्शन
दिल्ली-एनसीआर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को बड़ा बूस्ट मिलने वाला है. गाजियाबाद से प्रयागराज तक सफर अब करीब 6 घंटे में पूरा हो सकेगा. जुलाई तक 14 किमी लंबी लिंक रोड तैयार हो जाएगी, जो दिल्ली-Meerut एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगी. साथ ही जेवर एयरपोर्ट से भी सीधा कनेक्शन मिलने की तैयारी है.

दिल्ली-एनसीआर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा अब और आसान होने जा रही है. Delhi-Meerut Expressway (DME) को Ganga Expressway से जोड़ने वाली 14 किलोमीटर लंबी लिंक रोड का काम तेजी से चल रहा है और इसे जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा. इस परियोजना से गाजियाबाद और नोएडा से प्रयागराज और पूर्वी यूपी तक सफर काफी तेज हो जाएगा.
जुलाई तक तैयार होगी 14 किमी लिंक रोड
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, लिंक रोड का करीब 80% काम पूरा हो चुका है. यह सड़क मोदीनगर के पास जैनुद्दीनपुर गांव से निकलेगी और मेरठ में NH-235 से जुड़ेगी. इसके बाद 4 किलोमीटर की मौजूदा सड़क के जरिए इसे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा. इस प्रोजेक्ट पर करीब 524 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं और इसे DME का पांचवां चरण माना जा रहा है. गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद प्रयागराज तक का सफर केवल 6 घंटे में पूरा हो जाएगा.
मेरठ से प्रयागराज का सफर होगा सिर्फ 6 घंटे
हाल ही में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया है. यह यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है, जिससे मेरठ से प्रयागराज तक का सफर घटकर लगभग 6 घंटे रह जाएगा. इससे व्यापार, पर्यटन और रोजमर्रा की यात्रा को बड़ा फायदा मिलेगा.
जेवर एयरपोर्ट को भी मिलेगा सीधा कनेक्शन
दूसरे चरण में एक और बड़ा प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है, जो Noida International Airport और यमुना एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा. करीब 74.3 किलोमीटर लंबे इस नए कॉरिडोर पर लगभग 4,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसके लिए फरवरी 2026 में 1,204 करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण के लिए जारी किए जा चुके हैं. इस सड़क का बड़ा हिस्सा ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर से होकर गुजरेगा.
इन दोनों प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच एक हाई-स्पीड नेटवर्क तैयार होगा, जिससे NCR से लेकर पूर्वी यूपी तक कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.