घर खरीदने से पहले जानें अंडर कंस्ट्रक्शन या रेडी टू मूव, कौन सा है बेहतर विकल्प; कैसे करें सही चुनाव

घर खरीदते समय अंडर कंस्ट्रक्शन और रेडी टू मूव प्रॉपर्टी के बीच सही चुनाव करना जरूरी होता है. अंडर कंस्ट्रक्शन घर सस्ते होते हैं लेकिन इनमें लंबा इंतजार और देरी का जोखिम रहता है. वहीं रेडी टू मूव घर महंगे होते हैं लेकिन तुरंत रहने के लिए तैयार मिलते हैं और जोखिम कम होता है. अंडर कंस्ट्रक्शन में किराया और EMI दोनों का बोझ हो सकता है.

घर खरीदते समय अंडर कंस्ट्रक्शन और रेडी टू मूव प्रॉपर्टी के बीच सही चुनाव करना जरूरी होता है. Image Credit: money9live

Home Buying Tips: घर खरीदना हर व्यक्ति के लिए एक बड़ा फैसला होता है और इसी दौरान सबसे अहम सवाल सामने आता है कि अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी लें या रेडी टू मूव घर. दोनों विकल्प अपने- अपने फायदे और नुकसान के साथ आते हैं. एक तरफ सस्ता दिखने वाला अंडर कंस्ट्रक्शन घर होता है तो दूसरी तरफ महंगा लेकिन तुरंत मिलने वाला रेडी घर. सही चुनाव आपकी जरूरत समय और बजट पर निर्भर करता है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि दोनों विकल्पों में क्या अंतर है और आपके लिए कौन सा बेहतर रहेगा.

कीमत कम लेकिन इंतजार जरूरी

अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी आमतौर पर रेडी घरों से सस्ती होती है. यही वजह है कि कई खरीदार इसे बेहतर डील मानते हैं. लेकिन इसके साथ लंबा इंतजार जुड़ा होता है जो दो से चार साल तक हो सकता है. कई बार प्रोजेक्ट में देरी भी हो जाती है जिससे समय और बढ़ सकता है. यानी कम कीमत के साथ धैर्य रखना जरूरी है. यह विकल्प उन्हीं लोगों के लिए सही है जो जल्दी घर में शिफ्ट नहीं होना चाहते.

किराया और EMI का डबल बोझ

अंडर कंस्ट्रक्शन घर लेने पर अक्सर खरीदार को किराया और लोन की EMI दोनों साथ में चुकानी पड़ती है. यह आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है और बजट बिगाड़ सकता है. वहीं रेडी टू मूव घर में यह समस्या नहीं होती है. आप तुरंत घर में शिफ्ट हो सकते हैं और किराए की जगह सिर्फ EMI देना होता है. इससे हर महीने का खर्च ज्यादा स्पष्ट और कट्रोल रहता है.

रिस्क और भरोसे का अंतर

रेडी टू मूव घर में आप जो देखते हैं वही आपको मिलता है. आप घर की क्वालिटी लोकेशन और आसपास का माहौल पहले ही देख सकते हैं. इससे जोखिम काफी कम हो जाता है. वहीं अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी में आपको प्लान और सैंपल फ्लैट पर भरोसा करना पड़ता है. कई बार फाइनल प्रोडक्ट उम्मीद से अलग हो सकता है. साथ ही देरी और बदलाव का जोखिम भी बना रहता है.

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जरूरत और टाइमलाइन सबसे अहम

अगर आपको जल्दी घर चाहिए या किराये से छुटकारा पाना है तो रेडी टू मूव घर बेहतर विकल्प है. वहीं अगर आप निवेश के नजरिये से खरीद रहे हैं और इंतजार कर सकते हैं तो अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी सही हो सकती है. लेकिन इसमें देरी और अतिरिक्त खर्च के लिए तैयार रहना जरूरी है. अंत में फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि आप तुरंत सुविधा चाहते हैं या लंबी अवधि में सस्ता विकल्प.

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