राम-शिव-कृष्ण के बाद अब गोरखनाथ, UP में बनेगा नया आध्यात्मिक कॉरिडोर; जानें किन शहरों को करेगा कनेक्ट

अयोध्या में राम मंदिर, काशी में शिव और मथुरा में कृष्ण सर्किट के बाद अब सरकार एक और बड़ा प्लान लेकर आई है. इस बार फोकस है गुरु गोरखनाथ से जुड़े स्थानों को जोड़कर एक नया आध्यात्मिक कॉरिडोर बनाने पर. सरकार का मकसद है कि अलग-अलग जगहों पर फैले नाथ संप्रदाय से जुड़े मंदिर, गुफाएं और ध्यान स्थल एक ही सर्किट में शामिल किए जाएं.

Gorakhnath Corridor Image Credit: Canva/Money9 live

Gorakhnath Corridor: उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए UP सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है. अयोध्या में राम मंदिर, काशी में शिव और मथुरा में कृष्ण सर्किट के बाद अब सरकार एक और बड़ा प्लान लेकर आई है. इस बार फोकस है गुरु गोरखनाथ से जुड़े स्थानों को जोड़कर एक नया आध्यात्मिक कॉरिडोर बनाने पर. सरकार का मकसद है कि अलग-अलग जगहों पर फैले नाथ संप्रदाय से जुड़े मंदिर, गुफाएं और ध्यान स्थल एक ही सर्किट में शामिल किए जाएं.

इससे श्रद्धालुओं को यात्रा करना आसान होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. इस पूरे प्लान में गोरखपुर को मुख्य केंद्र बनाया जा रहा है, जहां स्थित गोरखनाथ मंदिर नाथ परंपरा का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है. यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिसमें नेपाल से आने वाले लोग भी शामिल हैं.

क्या है गुरु गोरखनाथ सर्किट

  • Indian Express की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस नए सर्किट में उत्तर प्रदेश के कई जिलों को जोड़ा जाएगा.
  • इसमें बुंदेलखंड के महोबा और चित्रकूट, पश्चिम यूपी का बरेली, मध्य यूपी का अमेठी और अयोध्या, और पूर्वी यूपी का गोरखपुर और बलरामपुर शामिल हैं.
  • सरकार इन सभी जगहों को बेहतर सड़क, सुविधाएं और ब्रांडिंग के जरिए एक साथ जोड़ना चाहती है.

गोरखपुर होगा मुख्य केंद्र

  • Gorakhnath Temple इस पूरे सर्किट का मुख्य केंद्र होगा.
  • यह मंदिर नाथ संप्रदाय का प्रमुख स्थान है और यहां सालभर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है.
  • महोबा में गोरखगिरी पर्वत को करीब ₹11 करोड़ की लागत से विकसित किया गया है.
  • यहां ध्यान केंद्र, रास्ते और अन्य सुविधाएं बनाई गई हैं. बरेली में नाथ संप्रदाय से जुड़े कई मंदिरों का विकास किया जा रहा है, जिनमें अलखनाथ और त्रिवतीनाथ मंदिर शामिल हैं.
  • अमेठी में गुरु गोरखनाथ की 25 फीट ऊंची मूर्ति बनाई जा रही है, जो इस सर्किट का एक बड़ा आकर्षण बनेगी.

नेपाल से भी जुड़ेगा कनेक्शन

इस सर्किट को नेपाल से भी जोड़ने की योजना है, क्योंकि वहां भी नाथ संप्रदाय के अनुयायी बड़ी संख्या में हैं. इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. इस प्रोजेक्ट से छोटे शहरों और गांवों में पर्यटन बढ़ेगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा.

साथ ही श्रद्धालुओं को एक ही रास्ते में कई धार्मिक स्थलों के दर्शन करने का मौका मिलेगा. यूपी सरकार का यह नया गुरु गोरखनाथ सर्किट धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को एक नई दिशा दे सकता है और आने वाले समय में यह बड़ा आकर्षण बन सकता है.

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