AI और डेटा सेंटर बूम में किसकी होगी चांदी? 11000 करोड़ रुपये के ऑर्डर बुक वाली इन कंपनियों पर रखें नजर
भारत में AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल सर्विसेज और डेटा लोकलाइजेशन की बढ़ती मांग के चलते डेटा सेंटर सेक्टर में बड़ा विस्तार देखने को मिल सकता है. उद्योग अनुमानों के अनुसार, देश की डेटा सेंटर क्षमता 1.7 गीगावाट से बढ़कर 8 गीगावाट तक पहुंच सकती है, जिससे 53 अरब डॉलर तक के निवेश अवसर पैदा होने की संभावना है.
Data Center Stocks: भारत में डेटा सेंटर सेक्टर आने वाले वर्षों में सबसे तेजी से बढ़ने वाले इंडस्ट्रीज में शामिल हो सकता है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल सर्विसेज और डेटा लोकलाइजेशन की बढ़ती मांग के चलते देश में डेटा सेंटर क्षमता में जबरदस्त विस्तार की उम्मीद की जा रही है. उद्योग अनुमानों के मुताबिक, भारत की डेटा सेंटर क्षमता मौजूदा 1.7 गीगावाट से बढ़कर लगभग 8 गीगावाट तक पहुंच सकती है. इससे 23 अरब डॉलर से 53 अरब डॉलर तक के निवेश अवसर पैदा होने की संभावना है. हालांकि, इस पूरे विस्तार का सबसे बड़ा फायदा केवल डेटा सेंटर बनाने वाली कंपनियों को ही नहीं, बल्कि उन कंपनियों को भी मिल सकता है, जो इनके भीतर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करती हैं.
11,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर बुक
डेटा सेंटर के बढ़ते नेटवर्क के लिए हाई-स्पीड फाइबर नेटवर्क, सर्वर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सिक्योरिटी और आईटी सिस्टम्स की जरूरत होगी. यही वजह है कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सिस्टम इंटीग्रेशन से जुड़ी कंपनियां निवेशकों के रडार पर आ रही हैं. इस क्षेत्र में विशेष रूप से दो कंपनियां चर्चा में हैं, जिनमें डायनाकॉन्स सिस्टम्स और ब्लैक बॉक्स शामिल हैं. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों कंपनियों के पास मिलाकर करीब 11,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर बुक है और वे भारत के डेटा सेंटर विस्तार से लाभ उठाने की मजबूत स्थिति में दिखाई देती हैं.
Dynacons Systems: भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा दांव
डायनाकॉन्स सिस्टम्स सीधे डेटा सेंटर की इमारतें नहीं बनाती, बल्कि डेटा सेंटर ऑपरेटर्स और ग्राहकों के बीच टेक्निकल पार्टनर के रूप में काम करती है. कंपनी क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, हाइपर-कन्वर्ज्ड सिस्टम्स, डेटा स्टोरेज, बैकअप, डिजास्टर रिकवरी और एआई-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है. कंपनी के प्रमुख ग्राहकों में आईसीआईसीआई बैंक, केनरा बैंक और एसबीआई जैसे बड़े संस्थान शामिल हैं. इसके अलावा मेटा, अमेजन, गूगल, उबर और एसएंडपी ग्लोबल जैसी वैश्विक कंपनियां भी इसके ग्राहक हैं.
वित्त वर्ष 2021 से 2026 के बीच कंपनी के डेटा सेंटर और क्लाउड कारोबार ने 52 फीसदी की CAGR दर्ज की है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का कुल रेवेन्यू 1,424 करोड़ रुपये रहा, जबकि ईबिट्डा 41.7 फीसदी बढ़कर 146 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. कंपनी के पास मई 2026 तक 2,964 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक था, जबकि 3,083 करोड़ रुपये की अतिरिक्त ऑर्डर पाइपलाइन भी मौजूद थी. बुधवार को कंपनी का शेयर 1.25 फीसदी उछलकर 1418 रुपये पर पहुंच गया है.
Black Box: एआई डेटा सेंटर बूम का बड़ा खिलाड़ी
ब्लैक बॉक्स वैश्विक स्तर पर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्किंग सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने वाली प्रमुख कंपनी है. कंपनी डेटा सेंटर के भीतर फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क, केबलिंग, नेटवर्क डिजाइन और सर्वर मैनेजमेंट जैसी सर्विसेज प्रदान करती है. इसके ग्राहकों में मेटा, गूगल, एडब्ल्यूएस, माइक्रोसॉफ्ट और कई फॉर्च्यून 500 कंपनियां शामिल हैं.
एआई आधारित डेटा सेंटर की बढ़ती मांग ब्लैक बॉक्स के लिए बड़ा अवसर लेकर आई है. कंपनी के मुताबिक, एआई डेटा सेंटर में पारंपरिक क्लाउड डेटा सेंटर की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक फाइबर ऑप्टिक केबलिंग की जरूरत होती है. यही वजह है कि पहले जहां 100 मेगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर में 8 मिलियन डॉलर की केबलिंग परियोजना होती थी, वहीं अब इसकी लागत 60 मिलियन डॉलर तक पहुंच रही है.
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 6,322 करोड़ रुपये रहा, जबकि उसका ऑर्डर बैकलॉग लगभग 7,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. मैनेजमेंट का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030 तक रेवेन्यू को बढ़ाकर 18,000 करोड़ रुपये तक ले जाना है. कंपनी का अनुमान है कि एआई और हाइपरस्केलर डेटा सेंटर परियोजनाओं की बढ़ती मांग उसके कारोबार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा सकती है. बुधवार को कंपनी का शेयर 2.06 फीसदी गिरकर 986 रुपये पर पहुंच गया है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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