AI के नाम पर टूटे ये 2 शेयर, 50% तक गिरावट के बाद खरीदें या बचें?

AI से जुड़े दो भारतीय शेयर अपनी ऊंचाई से 40-50% तक टूट चुके हैं. एक कम वैल्यूएशन के बावजूद कमजोर कैश फ्लो से जूझ रहा है, जबकि दूसरा मजबूत बैलेंस शीट और भारी कैश के साथ निवेशकों का ध्यान खींच रहा है.

शेयर बाजार

Highlights

  • दो AI शेयर 50% तक टूटे हैं
  • Kellton का कैश फ्लो बना बड़ी चिंता
  • Zensar के पास मजबूत कैश और बैलेंसशीट

शेयर बाजार का मिजाज कभी-कभी बड़ा अजीब होता है. दुनियाभर के निवेशक AI से जुड़ी कंपनियों के शेयर खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. लेकिन भारत में दो ऐसी कंपनियां हैं, जिन्होंने पिछले एक साल में AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किए, AI से जुड़े बड़े कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए और ग्राहकों के काम में AI का इस्तेमाल शुरू किया. इसके बावजूद इनके शेयरों में जोरदार गिरावट आई है.

इनमें से एक शेयर अपने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर से करीब 51% नीचे कारोबार कर रहा है, जबकि दूसरा अपने हाई से करीब 42% नीचे है. दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों कंपनियों के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में कोई बड़ा या चर्चित निवेशक नहीं है, जो निवेशकों को भरोसा दिला सके. हालांकि, पिछले एक साल में इन कंपनियों में पब्लिक शेयरहोल्डिंग थोड़ी बढ़ी है.

AI इस समय भारतीय शेयर बाजार के सबसे चर्चित सेक्टरों में से एक है. इसलिए इन दोनों शेयरों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है. दोनों के पास AI से जुड़ी मजबूत कहानियां और डेटा है, लेकिन उनकी वित्तीय स्थिति काफी अलग है. एक बड़ी गिरावट ने दोनों कंपनियों को फिलहाल एक ही नजरिए से देखने का मौका दिया है.

Kellton Tech: AI पर काम करने वाली माइक्रोकैप कंपनी

Kellton Tech हैदराबाद की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी है. इसके ग्राहक अमेरिका, यूरोप, भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में हैं. जून 2026 तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी की करीब 81.5% आय अमेरिका से आती है, जबकि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का कारोबार कुल बिजनेस का करीब 84% है. कंपनी की टेक्नोलॉजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों जैसे Microsoft, Amazon Web Services और SAP के साथ साझेदारी है.

कंपनी का AI काम सिर्फ निवेशकों को दिखाने के लिए बनाई गई कहानी नहीं है. जून 2026 तिमाही में कंपनी ने Phoenix.ai लॉन्च किया. यह AI एजेंट्स की मदद से पुराने एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर को आधुनिक क्लाउड सिस्टम में बदलने में मदद करता है. इसके अलावा Structi.ai भी लॉन्च किया गया, जो बिना व्यवस्थित डेटा को AI सिस्टम के इस्तेमाल लायक जानकारी में बदलता है.

कंपनी को Snowflake AI Data Cloud का Select Tier पार्टनर स्टेटस भी मिला है. इसके अलावा Oil India के लिए Optima डिजिटल ऑयलफील्ड प्लेटफॉर्म लगाया गया है, जिसके जरिए छह महीने में 77 प्रोडक्शन कुओं की रियल-टाइम निगरानी शुरू की गई. यानी कंपनी वास्तविक ग्राहकों के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल कर रही है. फिर भी शेयर करीब आधा क्यों टूट गया?

बिक्री बढ़ी, लेकिन मुनाफे का मार्जिन ज्यादा नहीं बढ़ा

पिछले पांच साल में Kellton Tech की बिक्री 776 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 1,217 करोड़ रुपये हो गई. यानी करीब 9% की सालाना वृद्धि हुई. लेकिन EBITDA 108 करोड़ रुपये से बढ़कर सिर्फ 135 करोड़ रुपये हुआ. इसका मतलब है कि बिक्री की तुलना में ऑपरेटिंग मुनाफे की रफ्तार धीमी रही. FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 92 करोड़ रुपये रहा. पिछले 12 महीनों में बिक्री करीब 1,237 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट करीब 91 करोड़ रुपये रहा. यानी नेट प्रॉफिट मार्जिन सिर्फ करीब 7.4% है.

सिर्फ 8 गुना PE, लेकिन जोखिम भी कम नहीं

6 अगस्त 2026 को Kellton Tech का शेयर करीब 14.20 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी का PE करीब 8 गुना है, जबकि इंडस्ट्री का औसत करीब 26 गुना है. शेयर अपने बुक वैल्यू 15.20 रुपये के मुकाबले करीब 0.93 गुना पर कारोबार कर रहा है. पिछले एक साल में शेयर करीब 46% टूट चुका है. लेकिन कम वैल्यूएशन के बावजूद कुछ जोखिम भी हैं. कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी जून 2023 के 52.14% से घटकर मार्च 2026 में 37.67% रह गई. वहीं पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़कर 61.3% हो गई है.

दूसरी चिंता कैश फ्लो को लेकर है. FY26 में ऑपरेशन से कंपनी का कैश फ्लो 10 करोड़ रुपये निगेटिव रहा, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट 135 करोड़ रुपये था. फ्री कैश फ्लो भी 208 करोड़ रुपये निगेटिव रहा. इसके अलावा ग्राहकों से पैसे मिलने में लगने वाला समय भी बढ़ा है. यह FY20 के 96 दिनों से बढ़कर FY26 में 118 दिन हो गया. यानी कंपनी कागज पर मुनाफा कमा रही है, लेकिन वह पैसा बैंक खाते में उसी तेजी से नहीं आ रहा.

Zensar Technologies: कर्ज लगभग नहीं, कैश से भरी कंपनी

दूसरी कंपनी है Zensar Technologies. यह RPG Group की मिडकैप IT कंपनी है और इसके चेयरमैन हर्ष गोयनका हैं. कंपनी का मार्केट कैप करीब 11,389 करोड़ रुपये है. इसका डिविडेंड यील्ड करीब 3% है और कंपनी पर लगभग न के बराबर कर्ज है. Zensar का AI पर फोकस भी काफी मजबूत है. जुलाई 2026 की कंपनी की जानकारी के मुताबिक, उसके करीब 85% कर्मचारी AI सर्टिफाइड हो चुके हैं. कंपनी ने ZenseAI नाम से AI प्लेटफॉर्म की एक पूरी रेंज तैयार की है. इसमें AgentMesh भी शामिल है, जिसे जून 2026 में लॉन्च किया गया. यह कंपनियों को बड़ी संख्या में AI एजेंट्स को मैनेज करने में मदद करता है. कंपनी ने अमेरिका की एक बड़ी डिपार्टमेंट स्टोर कंपनी के लिए AI एजेंट गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और एक अमेरिकी बुक डिस्ट्रीब्यूटर के लिए AI आधारित ऑडिट प्लेटफॉर्म भी तैयार किया है.

दूसरी कंपनी है Zensar Technologies. यह RPG Group की मिडकैप IT कंपनी है और इसके चेयरमैन हर्ष गोयनका हैं. कंपनी का मार्केट कैप करीब 11,389 करोड़ रुपये है. इसका डिविडेंड यील्ड करीब 3% है और कंपनी पर लगभग न के बराबर कर्ज है. Zensar का AI पर फोकस भी काफी मजबूत है. जुलाई 2026 की कंपनी की जानकारी के मुताबिक, उसके करीब 85% कर्मचारी AI सर्टिफाइड हो चुके हैं. कंपनी ने ZenseAI नाम से AI प्लेटफॉर्म की एक पूरी रेंज तैयार की है. इसमें AgentMesh भी शामिल है, जिसे जून 2026 में लॉन्च किया गया. यह कंपनियों को बड़ी संख्या में AI एजेंट्स को मैनेज करने में मदद करता है. कंपनी ने अमेरिका की एक बड़ी डिपार्टमेंट स्टोर कंपनी के लिए AI एजेंट गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और एक अमेरिकी बुक डिस्ट्रीब्यूटर के लिए AI आधारित ऑडिट प्लेटफॉर्म भी तैयार किया है.

बिक्री की तुलना में मुनाफा तेजी से बढ़ा

Zensar की बिक्री FY21 के 3,781 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 5,687 करोड़ रुपये हो गई. यानी करीब 9% सालाना वृद्धि. वहीं नेट प्रॉफिट 307 करोड़ रुपये से बढ़कर 775 करोड़ रुपये हो गया. यानी मुनाफे में करीब 20% सालाना वृद्धि हुई. जून 2026 तिमाही में कंपनी की बिक्री 1,508 करोड़ रुपये रही, जो सालाना आधार पर 8.9% ज्यादा है. हालांकि, नेट प्रॉफिट सिर्फ 1% बढ़कर 184 करोड़ रुपये रहा. कंपनी का मार्जिन बढ़ने की वजह से मुनाफे में अच्छी वृद्धि हुई है. इसके अलावा निवेश से मिलने वाली आय ने भी मुनाफे को बढ़ाने में मदद की है.

2,600 करोड़ रुपये से ज्यादा का कैश

6 अगस्त 2026 को Zensar का शेयर करीब 501 रुपये पर बंद हुआ. इसका PE करीब 14 गुना है, जबकि इंडस्ट्री का औसत करीब 23 गुना है. शेयर अपने ऑल टाइम हाई 985 रुपये से 40% से ज्यादा नीचे है. कंपनी की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत बैलेंस शीट है. FY21 में कंपनी पर 350 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो FY26 में घटकर सिर्फ 79 करोड़ रुपये रह गया. कंपनी के पास करीब 1,921 करोड़ रुपये का निवेश पोर्टफोलियो है. जून 2026 के अंत में उसका नेट कैश और कैश इक्विवेलेंट करीब 317.5 मिलियन डॉलर यानी 2,600 करोड़ रुपये से ज्यादा था. यह रकम कंपनी के मार्केट कैप की करीब 23% है. FY26 में फ्री कैश फ्लो 719 करोड़ रुपये रहा और कंपनी ने अपने मुनाफे का 44% हिस्सा डिविडेंड के तौर पर दिया.

विदेशी निवेशकों की बिकवाली चिंता की वजह

Zensar में विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी मार्च 2024 के 16.5% से घटकर जून 2026 में 10.7% रह गई. हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस दौरान अपनी हिस्सेदारी 17.5% से बढ़ाकर 22% कर ली. फिर भी विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली शेयर के लिए दबाव बनी हुई है. एक और दिलचस्प बात यह है कि Zensar जिस AI टेक्नोलॉजी को बेच रही है, उसी AI की वजह से उसके कुछ टेक्नोलॉजी ग्राहकों के आउटसोर्सिंग बजट में कटौती हो रही है. कंपनी के एक बड़े TMT ग्राहक से FY27 में ग्रोथ की उम्मीद नहीं है. जून तिमाही में नए ऑर्डर करीब 149.2 मिलियन डॉलर रहे, जो कई तिमाहियों का सबसे निचला स्तर है.

AI नाम देखकर शेयर खरीदना सही नहीं

इन दोनों AI कंपनियों की कहानी काफी अलग है. Kellton Tech एक छोटी कंपनी है, जिसका शेयर बुक वैल्यू से भी नीचे है. कंपनी के AI प्लेटफॉर्म वास्तविक हैं, लेकिन कैश फ्लो कमजोर है. प्रमोटर की हिस्सेदारी भी लगातार घटी है और किसी बड़े संस्थागत निवेशक की हिस्सेदारी नहीं है. 8 गुना PE सस्ता जरूर लगता है, लेकिन बाजार यह देखना चाहता है कि कंपनी का मुनाफा वास्तव में कैश में बदल रहा है या नहीं.

दूसरी तरफ Zensar Technologies के पास मजबूत बैलेंस शीट, बड़ी कैश होल्डिंग, डिविडेंड और लगभग कर्जमुक्त स्थिति है. कंपनी के 85% कर्मचारी AI के लिए प्रशिक्षित हैं और बड़ा ऑर्डर भी धीरे-धीरे रेवेन्यू में बदल रहा है. इन दोनों शेयरों से एक बात साफ है कि सिर्फ कंपनी के नाम के साथ AI जुड़ा होना शेयर खरीदने की गारंटी नहीं है. बाजार सिर्फ AI की कहानी नहीं देखता, बल्कि यह भी देखता है कि कंपनी कितना पैसा कमा रही है, कैश फ्लो कैसा है और ऑर्डर वास्तव में कमाई में कितनी तेजी से बदल रहे हैं. इसलिए निवेशकों के लिए बेहतर होगा कि इन शेयरों को सिर्फ AI थीम के आधार पर खरीदने के बजाय आने वाली कुछ तिमाहियों में कैश फ्लो, ऑर्डर और मुनाफे की वास्तविक स्थिति पर नजर रखें.

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